न्यू इंडिया में दुख पर भी कीमत का टैग है! अभिषेक बनर्जी ने निर्मला सीतारमण पर किया तीखा पलटवार

'न्यू इंडिया में दुख पर भी टैक्स?', जीएसटी को लेकर टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी का वित्त मंत्री पर पलटवार


नई दिल्ली, 12 फरवरी। लोकसभा में जीएसटी को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच तीखी बहस देखने को मिली। बहस के बाद अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक लंबा पोस्ट करके वित्त मंत्री के आरोपों का जवाब दिया और कहा कि उन्होंने तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत सामने रखी है।

सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपने पोस्ट में लिखा कि वह वित्त मंत्री का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने उनका भाषण ध्यान से सुना, लेकिन काश वह बंगाल के लोगों की भी उतनी ही गंभीरता से सुनतीं, जब वे मनरेगा, पीएम आवास योजना, पीएम ग्राम सड़क योजना और जल जीवन मिशन के बकाया फंड की मांग करते हैं।

उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने उन पर तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने का आरोप लगाया है, इसलिए वह अब 'तथ्यों को सीधा' कर रहे हैं।

उन्होंने पोस्ट में कहा कि यह सही है कि ताजे दूध पर कोई जीएसटी नहीं है, लेकिन जो मां ताजा दूध खरीदने में सक्षम नहीं है और अपने बच्चे के लिए पाउडर वाला दूध लेती है, उस पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगता है। यानी जिस चीज को गरीब नहीं खरीद सकता, उस पर टैक्स शून्य है, लेकिन जो उसे मजबूरी में खरीदनी पड़ती है, उस पर टैक्स लगता है।

शिक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भले ही पाठ्यपुस्तकों पर जीएसटी नहीं है, लेकिन गणित की कॉपी, ग्राफ बुक, लैब नोटबुक और ड्रॉइंग के लिए इस्तेमाल होने वाले क्रेयॉन पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगता है।

उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इलाज और परामर्श भले ही जीएसटी मुक्त हों, लेकिन ऑक्सीजन सिलेंडर पर 12 प्रतिशत, इंसुलिन पर 5 प्रतिशत और एनेस्थीसिया पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगता है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम संस्कार सेवाएं भले ही टैक्स फ्री हों, लेकिन अगरबत्ती और धूपबत्ती पर 5 प्रतिशत जीएसटी है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए लिखा, "न्यू इंडिया में दुख पर भी कीमत का टैग है।"

अभिषेक बनर्जी ने अपने पोस्ट में कुछ वस्तुओं और उन पर लगने वाले जीएसटी की दरों का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, बेबी फूड पर 5 प्रतिशत, बेबी नैपकिन पर 18 प्रतिशत, पेंसिल-क्रेयॉन पर 12 प्रतिशत, कॉपी-ग्राफ बुक पर 12 प्रतिशत, ब्रॉडबैंड सेवा पर 18 प्रतिशत और दवाओं व डायग्नोस्टिक किट पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगता है। उन्होंने पेट्रोल और डीजल पर क्रमशः 19.9 रुपए और 15.8 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी का भी उल्लेख किया।

इससे पहले लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अभिषेक बनर्जी पर तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से दूध पर कोई जीएसटी नहीं है। शिक्षा सेवाएं, प्री-स्कूल से लेकर हायर सेकेंडरी तक, जीएसटी से मुक्त हैं। मान्यता प्राप्त डिग्री देने वाली शिक्षा पर भी जीएसटी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि किताबों, कॉपियों, पेंसिल, शार्पनर और मैप आदि पर शून्य जीएसटी है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इलाज, जांच और देखभाल जैसी सेवाएं 1 जुलाई 2017 से ही जीएसटी मुक्त हैं। उन्होंने बताया कि सितंबर 2025 में किए गए 'नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफॉर्म' के तहत व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा योजनाओं पर जीएसटी को शून्य कर दिया गया है। अंतिम संस्कार सेवाओं पर भी कभी जीएसटी नहीं लगाया गया।

निर्मला सीतारमण ने तंज कसते हुए कहा कि शायद पश्चिम बंगाल में चल रहे 'सिंडिकेट राज' में मृत्यु पर भी 'कट मनी' वसूली जाती होगी।
 
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