झारखंड: 22 साल पुराने बिटुमिन घोटाले में भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी पर कसा शिकंजा, आरोप तय

झारखंड : बिटुमिन घोटाले में भाजपा विधायक के विरुद्ध सीबीआई कोर्ट ने तय किए आरोप


रांची, 11 फरवरी। झारखंड में 22 साल पुराने चर्चित बिटुमिन घोटाले में रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने कलावती कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के तत्कालीन निदेशक और गढ़वा के मौजूदा भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी के विरुद्ध आरोप तय कर दिए हैं। इसके बाद अब इस मामले में कोर्ट में ट्रायल का रास्ता साफ हो गया है।

सीबीआई की विशेष अदालत ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत इस मामले में आरोप गठित करते हुए सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह 20 फरवरी से मामले में साक्ष्य प्रस्तुत करना शुरू करे।

यह मामला वर्ष 2003-04 का है, जब पथ निर्माण विभाग में बिटुमिन (अलकतरा) की खरीद में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ था। इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई थी।

सीबीआई जांच के अनुसार, सड़क निर्माण कार्य के दौरान कलावती कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड की ओर से बिटुमिन की खरीदारी और आपूर्ति के लिए 114 चालान प्रस्तुत किए गए थे। जांच में इनमें से 61 चालान पूरी तरह फर्जी पाए गए। आरोप है कि इन फर्जी चालानों के आधार पर विभाग से लगभग 2.23 करोड़ रुपए का अवैध भुगतान हासिल किया गया।

जांच एजेंसी का आरोप है कि कंपनी के निदेशक के रूप में सत्येंद्रनाथ तिवारी ने आपराधिक साजिश रचते हुए फर्जी बिलों के जरिए सरकारी धन का दुरुपयोग किया और अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त किया। मामले में पूर्व में आरोपी की ओर से अदालत में डिस्चार्ज याचिका दाखिल कर खुद को निर्दोष बताते हुए मुकदमे से मुक्त करने की मांग की गई थी। हालांकि, अदालत ने सुनवाई के बाद उस याचिका को खारिज कर दिया था।

बुधवार को आरोप तय करते हुए अदालत ने माना कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया मजबूत मामला बनता है और मुकदमा चलाया जाना आवश्यक है। अदालत के आदेश के अनुसार 20 फरवरी से गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे और साक्ष्य पेश किए जाएंगे। इस घटनाक्रम के बाद गढ़वा के विधायक की कानूनी चुनौतियां बढ़ गई हैं।
 

Similar threads

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
6,008
Messages
6,040
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top