मुंबई, 11 फरवरी। महाराष्ट्र से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अबू आजमी ने 'वंदे मातरम' पर नए दिशा निर्देश जारी होने पर कहा कि सबकी अपनी-अपनी आस्था होती है, किसी की आस्था है एक अल्लाह को मानने में। किसी की आस्था है कई भगवान को मानते हैं, सूरज की पूजा करते हैं, जमीन की पूजा करते हैं, सांप की पूजा करते हैं, सभी की अपनी-अपनी आस्था है।
सपा नेता अबू आजमी ने कहा कि वंदे मातरम का मुसलमान विरोध नहीं कर रहा है, लेकिन उसकी धार्मिक मजबूरी है। वह अल्लाह के अलावा किसी और की प्रार्थना नहीं कर सकता। जब हम असेंबली में जाते हैं तो वंदे मातरम गाया जाता है, हम खड़े रहते हैं।
उन्होंने कहा कि सभी की अपनी-अपनी आस्था है। मैं अगर खड़े होकर कुरान शरीफ की कोई सूरा पढ़ूं, मैं किसी अपने दूसरे भाई जो मुसलमान नहीं हैं, उनसे पढ़ने के लिए कहूं, तो मैं समझता हूं कि यह गलत होगा। आपका धर्म जो कहता है आप वह करेंगे, जो मेरा धर्म कहता है वह मैं करूंगा। हम भारतवर्ष के निवासी हैं, इस देश का सम्मान करते हैं। मैं इस पर बहस नहीं कर सकता क्योंकि इन सब चीजों पर भाजपा चाहती है कि कोई जोर से बोल दे, कोई उसका विरोध कर दे और हम इसको पोलराइज कर दें।
आजमी ने आगे कहा कि इनका मकसद सिर्फ यही है कि ऐसी चीज लाओ, जिसमें हिंदू और मुस्लिम की आपस में कुछ न कुछ लड़ाई शुरू हो जाए। मैं ऐसी चीजों के बीच में कोई स्टेटमेंट नहीं देना चाहता। बस मैं कहना चाहता हूं कि देश आजाद है। देश का संविधान कहता है कि देश में रहने वाला हर व्यक्ति अपने-अपने धर्म पर चलते हुए दूसरे धर्म का सम्मान करते हुए अपना काम करे और देश को आगे ले जाने के लिए, देश को डेवलप करने के लिए सब मिलकर काम करें। यही मेरा मानना है।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अबू आजमी ने दिवंगत अजित पवार के निधन पर रोहित पवार के सवाल को लेकर कहा कि मैं समझता हूं जांच कराने में किसी को कोई एतराज नहीं होना चाहिए। इतने बड़े लीडर का एक्सीडेंट हुआ है, सभी दुखी हैं। अजित पवार बहुत अच्छे इंसान थे। अगर किसी की भी मांग है कि बाहर की एजेंसी से जांच कराई जाए, तो मैं समझता हूं कि हमारे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को इस बात को मान लेना चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए।