यूपी बजट पर मायावती का हमला: बोलीं- 'लोकलुभावन ज्यादा, जनकल्याण कम', कहीं कागजी न रह जाए अमल

लोकलुभावन ज्यादा और जनकल्याण कम रहा यूपी बजट: मायावती


लखनऊ, 11 फरवरी। उत्तर प्रदेश विधानसभा में पेश किए गए वर्ष 2026-27 के बजट पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे 'लोकलुभावन ज्यादा और जनकल्याण कम' बताया। उन्होंने कहा कि बजट में की गई घोषणाएं और आश्वासन अगर समयबद्ध तरीके से लागू नहीं हुए तो यह केवल कागजी साबित होंगे।

बसपा मुखिया मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में बुधवार को पेश किया गया 2026-27 का बजट लोकलुभावना ज्यादा तथा जनता के वास्तविक उत्थान एवं प्रदेश में सर्वसमाज व सभी क्षेत्र के विकास का कम प्रतीत होता है। फिर भी जो घोषणाएं एवं आश्वासन आदि जनता को देने का प्रयास किया गया है, उसकी सही से समयबद्ध तरीके से अमल जरूर हो, ताकि ये केवल कागजी न रह जाएं।

उन्होंने आगे कहा कि पिछले वर्ष के बजट के जमीनी क्रियान्वयन का सही डाटा देकर बजट भाषण की परंपरा को वाकई में ठोस व विश्वसनीय बनाया जाता तो यह उचित होता, जबकि वर्तमान बजट भी अखबारों की सुर्खी बटोरने वाला ज्यादा प्रतीत होता है, जिससे एक बार फिर लोगों को अपने ‘अच्छे दिन’ की उम्मीदों पर पानी फिर गया लगता है। वैसे भी उत्तर प्रदेश के लोगों को स्थायी आमदनी वाली रोजगार व्यवस्था का इंतजार बना हुआ है, जिसको लेकर गंभीरता एवं सक्रियता आवश्यक है। इस संबंध में एससी, एसटी व ओबीसी आरक्षण पर भी सरकार का समुचित ध्यान देना जरूरी है। बैकलॉग की भर्ती की भी जितनी जल्दी पूर्ति हो उतना बेहतर होगा।

बसपा मुखिया ने कहा कि भाजपा सरकार अगर बीएसपी की चारों सरकार की तरह ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के संवैधानिक दायित्व को निष्ठा व ईमानदारी से निभाने का प्रयास करे तो यह देश व जनहित में उचित होगा। बजट भी इस दिशा में ही होना चाहिए, अर्थात् बजट वर्ग व क्षेत्र विशेष का हितकारी तथा खासकर करोड़ों गरीब एवं किसान-विरोधी न होकर उनके जीवन सुधार का माध्यम हो तो यह सही होगा।

इसके साथ ही, अखिल भारतीय स्तर पर पार्टी द्वारा गतिविधियों को अनवरत जारी रखने की प्रक्रिया में राजस्थान प्रदेश सहित तीन राज्यों के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक हुई। उन तीनों राज्यों की अलग-अलग से हुई बैठक में वहां के राजनीतिक हालात के मद्देनजर पार्टी संगठन की तैयारी तथा सर्वसमाज में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के लिए दिल्ली में हुई पिछली बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों के प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई। उन राज्यों के लोगों से अपने अच्छे दिन लाने के लिए यूपी की तरह पार्टी संगठन को मजबूत बनाकर सत्ता प्राप्ति की ललक पैदा करने का आह्वान किया गया, ताकि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा जबरदस्त मेहनत एवं संघर्ष के बाद खासकर ’बहुजन समाज’ के लोगों को आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के साथ जीने के लिए आरक्षण सहित जो अनेकों संवैधानिक अधिकार मिले हैं, उनका सही से लाभ उन्हें मिल सके, जैसा कि यूपी में बीएसपी की रही चारों सरकारों में उन्हें पहली बार मिलने की सुखद अनुभूति हुई।
 
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