हरदीप पुरी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, बोले- युवा नेता को बेबुनियाद आरोपों की आदत, सदन से भी भागे

हरदीप सिंह पुरी का राहुल गांधी पर पलटवार, बोले- उन्हें बेबुनियाद आरोप लगाने की आदत


नई दिल्ली, 11 फरवरी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के सदन में दिए भाषण पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, "हमारे पास एक युवा नेता हैं, जिन्होंने आज संसद के सामने कुछ बातें रखीं। उन्हें बेबुनियाद आरोप लगाने की आदत है।"

उन्होंने कहा कि दो तरह के नेता होते हैं। एक वे जो राजनीतिक व्यवस्था में जिम्मेदारी लेते हैं और अपनी जिंदगी समाज सेवा और देश को बदलने में लगा देते हैं, और यह सुनिश्चित करते हैं कि उनके जीवनकाल में देश 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाए। दूसरे नेता भी होते हैं, जो कभी-कभी देश में आते हैं, और जब वे संसद में आते हैं, तो जब कोई उन्हें कोई ठोस जवाब देता है और उनकी बात नहीं सुनता, तो वे सदन से चले जाते हैं। वह आज अपनी ही स्पीच के बाद चले गए।

उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि युवा नेता को यह पता होना चाहिए कि एपस्टीन फाइल्स गलत कामों और आपराधिक मामलों से संबंधित हैं। फाइल्स में आरोप हैं कि एपस्टीन के पास एक द्वीप था, जहां वे अनैतिक काम करते थे। उन पीड़ितों ने अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज कराए हैं। मेरी बातचीत का इससे कोई लेना-देना नहीं था।

उन्होंने कहा कि नवंबर 2014 में मैं एक आम नागरिक था। किसी ने कहा कि वे भारत को देखना चाहते हैं। हमारी लिंक्डइन के संस्थापक रीड हॉफमैन के साथ अमेरिका के पश्चिमी तट पर एक बैठक हुई। मैंने अपने ईमेल की शुरुआत यह कहकर की कि मैं अब पहले से कहीं अधिक आश्वस्त हूं कि आज का भारत एक शानदार अवसर प्रस्तुत करता है और रीड हॉफमैन को भारत आकर आने वाले बदलावों को देखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया को लेकर मैं नवंबर 2014 में इस बारे में बात कर रहा था। अगर मेरी याददाश्त सही है, तो यह परियोजना 2015 में शुरू हुई थी। मैं यहां एक दूरदर्शी आम नागरिक था, जो जानता था कि मोदी सरकार किस तरह का काम करने वाली है।

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने एक ईमेल में सवाल उठाया कि 'मुझे लगता है कि हरदीप पुरी को एपस्टीन से किसने मिलवाया...?' ये तथ्य सार्वजनिक रूप से ज्ञात हैं। 30 लाख ईमेल जारी किए जा चुके हैं। मैं मई 2009 से, जब मैंने संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत के रूप में कार्यभार संभाला, आठ साल तक न्यूयॉर्क में रहा। 2017 में मैं मंत्री बना। आठ वर्षों में संभवतः तीन या चार मुलाकातों का जिक्र है।

उन्होंने कहा कि मैंने युवा नेता राहुल गांधी को बताने का फैसला किया और उन्हें लिखे पत्र में मैंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत के पद से सेवानिवृत्त होने के कुछ महीनों बाद, मुझे अंतर्राष्ट्रीय शांति संस्थान (आईपीआई) में शामिल होने का निमंत्रण मिला। मैं सीधे तौर पर आईपीआई का हिस्सा नहीं था। आईपीआई या आईसीएम के प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में, मैं एपस्टीन से कुछ मौकों पर मिला। आईसीएम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से निपटता था, और एपस्टीन इसका हिस्सा नहीं थे।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top