आजमगढ़, 11 फरवरी। केंद्र की मोदी सरकार की लखपति दीदी योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल मिलने के साथ ही उनके सशक्तीकरण का रास्ता भी खुला है। लखपति दीदी योजना का असर देश के हर राज्य में देखने को मिल रहा है। इस योजना का लाभ लेकर आजमगढ़ की महिलाओं के चेहरे पर खुशी है। सभी केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार को धन्यवाद दे रही हैं।
लखपति दीदी योजना ने आजमगढ़ की महिलाओं की जिंदगी बदल दी है। उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने और परिवार को चलाने के काबिल भी बनाया है।
आकाश स्वयं सहायता समूह की कोषाध्यक्ष सावित्री सिंह चौहान ने बताया कि वे और उनके पिता शेल्टरिंग का काम करते हैं और हर महीने सारा खर्च निकालने के बाद कम से कम 10 हजार रुपए बचा लेते हैं। लखपति दीदी योजना की वजह से उन्हें सालाना 1 लाख 20 हजार तो कभी 35 हजार रुपए का भी लाभ मिला है।
चांदनी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष एवं समूह सखी सुनीता ने भी बताया कि लखपति दीदी योजना ने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी है और वे परिवार का पालन-पोषण अच्छे से कर पा रही हैं।
उन्होंने कहा, "मैंने बीए किया, लेकिन पहले मुझे कोई नहीं जानता था, लेकिन अब मेरी पहचान इलाके में लखपति दीदी के तौर पर है। योजना ने सिर्फ पैसा कमाना ही नहीं बल्कि सम्मान भी दिलाया है। 80 हजार का लोन लेकर मैंने खुद का ब्यूटी पार्लर का काम शुरू किया और सालाना 1 लाख 30 हजार रुपए कमा लेती हूं।"
मां शारदा स्वयं सहायता समूह की कोषाध्यक्ष शारदा देवी ने कहा कि सीएम योगी की वजह से ही पिछड़े वर्ग की महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा दोनों मिल रही है। हम बिल कलेक्शन का काम करते हैं और महीने में 35 हजार की कमाई कर लेते हैं। योगी सरकार में सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। इसी कारण हम आराम से अपने काम को अंजाम देते हैं।
जिला अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि सरकार हमेशा कोशिश करती है कि योजना का लाभ जमीनी स्तर पर लोगों को मिले और हम भी इसी दिशा में काम कर रहे हैं। आजमगढ़ में जन समस्या विशेष रूप से जमीन संबंधित विवादों की थी, जिसे धीरे-धीरे कम करने की कोशिश हो रही है। काफी हद तक उस पर लगाम लगाया जा चुका है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 'मन की बात' में तमसा नदी का जिक्र करने पर कहा, "इसका काफी महत्व है। जो शहर के बीच से जाती है, उनमें सफाई की आवश्यकता थी, जिसके लिए पिछले 9 महीने में दो चरण में अभियान चलाकर सफाई की गई और अन्य प्रयास भी जारी हैं।"
उन्होंने आगे बताया, "युवाओं को स्वरोजगार देकर उनकी इनकम बढ़ाकर खुशहाली और आर्थिक समृद्धि की ओर अग्रसर किया जा रहा है। कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए दो महीने में 113 अभियुक्तों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की गई है।"