अंतरिक्ष में भारत की धूम! 400 से अधिक स्पेस स्टार्टअप्स, 500 मिलियन डॉलर का निवेश, निजी क्षेत्र की शानदार उड़ान

भारत में 400 से ज्यादा स्पेस स्टार्टअप, निवेश 500 मिलियन डॉलर के पार: केंद्र


नई दिल्ली, 11 फरवरी। भारत में अंतरिक्ष क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार ने बुधवार को संसद में बताया कि देश में अब 400 से ज्यादा स्पेस स्टार्टअप काम कर रहे हैं और इन स्टार्टअप्स में 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश हो चुका है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में लिखित जवाब कहा कि दो निजी क्षेत्र की कंपनियों ने नवंबर 2022 और मई 2024 में अपने रॉकेट को सब-ऑर्बिटल (अंतरिक्ष की निचली कक्षा) तक सफलतापूर्वक लॉन्च और परीक्षण किया है।

उन्होंने कहा कि अब तक 25 पेलोड पीएसएलवी ऑर्बिटल एक्सपेरिमेंटल मॉड्यूल (पीओईएम) के जरिए भेजे जा चुके हैं या भेजे जाने वाले हैं। यह प्लेटफॉर्म निजी कंपनियों को अपने उपकरणों का अंतरिक्ष में परीक्षण करने का मौका देता है। इसके अलावा, छह भारतीय गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीई) ने मिलकर 18 उपग्रह अंतरिक्ष में लॉन्च किए हैं।

मंत्री ने बताया कि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत अर्थ ऑब्जर्वेशन (पृथ्वी की निगरानी) उपग्रहों का समूह तैयार किया जा रहा है, जिससे नए प्रयोगों को बढ़ावा मिलेगा और दुनिया में भारतीय स्पेस कंपनियों पर भरोसा बढ़ेगा।

उन्होंने आगे कहा कि 25 कंपनियां पहले ही 'पीओईएम' जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके अंतरिक्ष में अपने सैटेलाइट और उपकरणों का परीक्षण कर रही हैं। कई राज्य सरकारें भी अंतरिक्ष क्षेत्र को भविष्य का उभरता क्षेत्र मान रही हैं और कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां और प्रोत्साहन योजनाएं बना रही हैं।

'स्टार्टअप इंडिया' योजना की घोषणा के बाद अंतरिक्ष क्षेत्र में स्टार्टअप्स की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। यह योजना 16 जनवरी 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना, उद्यमिता को प्रोत्साहित करना और देश में रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

2014 के बाद देश में कई प्रमुख स्पेस स्टार्टअप उभरे हैं, जैसे पिक्सेल, ध्रुवा स्पेस, स्काईरूट एयरोस्पेस, अग्निकुल कॉसमॉस और बेलाट्रिक्स एयरोस्पेस। बेंगलुरु की कंपनी पिक्सेल ने 'फायरफ्लाई' नाम से अपने पहले व्यावसायिक उपग्रहों को लॉन्च किया है, जो उन्नत तस्वीरें लेने की क्षमता रखते हैं।

इसी तरह गैलेक्सआई की 'मिशन दृष्टि' जल्द लॉन्च होने वाली है, जो दुनिया का पहला मल्टी-सेंसर अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट होगा। इससे भारत को अपनी अंतरिक्ष निगरानी क्षमता और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
 
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