नई दिल्ली, 10 फरवरी। विपक्षी नेताओं ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाबरी मस्जिद पर हालिया बयान पर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा पर अगले विधानसभा चुनाव से पहले समाज में ध्रुवीकरण की राजनीति करने और कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा और प्रशासन जैसी वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाबरी मस्जिद पर बयान के बाद विपक्षी नेताओं ने भाजपा का घेराव किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अगले विधानसभा चुनाव से पहले समाज में ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही है और राज्य में कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा और प्रशासन जैसी असली समस्याओं से ध्यान भटका रही है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा, "उन्हें उर्दू का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। मुख्यमंत्री उर्दू के खिलाफ बोलते हैं, फिर भी खुद इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। 'कयामत' शब्द की जगह उन्हें कोई और शब्द इस्तेमाल करना चाहिए।"
उन्होंने यह भी कहा कि जब भी मुख्यमंत्री राजनीतिक दबाव में आते हैं, भाजपा की स्थिति कमजोर होती है। जितना बड़ा खतरा उनके सत्ता के लिए, वे उतने ही अस्थिर और संवेदनशील हो जाते हैं।
सपा सांसद डिंपल यादव ने उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार पर शासन के प्रमुख मोर्चों पर विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "भाजपा नेताओं के बयान देखने से उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति स्पष्ट होती है। हम महिलाओं की स्थिति, बलात्कार और अन्य अपराधों की घटनाएं देख रहे हैं, और यह सरकार कुछ नहीं कर रही।"
उन्होंने उन्नाव रेप केस और राज्य में जमीनों पर हुए अतिक्रमण का उदाहरण भी दिया और कहा कि असली मुद्दों को नजरअंदाज कर ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि निपट चुके मामलों पर बहस का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा, "बाबरी मस्जिद मामला सुप्रीम कोर्ट में पहले ही निपट चुका है और वहां भव्य राम मंदिर बन चुका है। इसे फिर से बहस करना समय की बर्बादी है।" उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय भाजपा समाज में ध्रुवीकरण की राजनीति में उलझ रही है।
कांग्रेस सांसद उज्जवल रमण सिंह ने भी इसे भाजपा का 'चुनावी स्टंट' करार दिया। उन्होंने कहा, "वे हमेशा ध्रुवीकरण पर भरोसा करते रहे हैं। यही उनका राजनीतिक जीवन है। वे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने में माहिर हैं।" उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी से जनता की भलाई और विकास पर ध्यान देने की अपील की।
सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा नेताओं का उद्देश्य छिपा हुआ एजेंडा है। उन्होंने कहा, "यह भाजपा के मुख्यमंत्री और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों का एजेंडा है – विकास और शासन की बातें कम, हिंदू-मुस्लिम मुद्दों की बातें ज्यादा"।
ये तीखे विरोधाभासी बयान उस समय आए हैं जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक रार तेज हो रही है और विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप बढ़ रहे हैं।