मध्य प्रदेश: आत्मनिर्भर भारत अभियान से प्रेरित होकर हुनर सीख रहीं आदिवासी बालिकाएं

मध्य प्रदेश: आत्मनिर्भर भारत अभियान से प्रेरित होकर हुनर सीख रहीं आदिवासी बालिकाएं


बुरहानपुर, 10 फरवरी। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर से महज 10 किलोमीटर दूर ग्राम दरियापुर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को जमीनी स्तर पर साकार करता नजर आ रहा है।

इस छात्रावास में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आई 50 अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की बालिकाएं रहकर शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। पढ़ाई के साथ-साथ छात्रावास में बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे वे भविष्य में स्वरोजगार के माध्यम से अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।

छात्रावास की अधीक्षक ज्योति बाला चौहान ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत, लोकल फॉर वोकल और स्वदेशी अपनाओ अभियान से प्रेरणा लेकर छात्रावास में एक नई पहल शुरू की गई है। इस पहल के तहत बालिकाओं को केले के रेशे से विभिन्न उपयोगी उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केले के रेशे से बने उत्पाद पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ रोजगार की अच्छी संभावनाएं भी प्रदान करते हैं।

अधीक्षक ने बताया कि छात्रावास की बालिकाएं अपने फ्री टाइम में सजावटी सामग्री, पक्षियों के घोंसले, दीवार घड़ी, टोपी, आइना और दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले कई उत्पाद तैयार कर रही हैं। यह प्रशिक्षण न केवल बालिकाओं के कौशल विकास में सहायक है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गरीब और आदिवासी वर्ग की बालिकाओं को बचपन से ही आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे आगे चलकर समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें।

छात्रावास की बालिकाएं इस प्रशिक्षण से काफी उत्साहित हैं और इसे अपने जीवन का सुनहरा अवसर मान रही हैं। बालिकाओं ने बताया कि पढ़ाई के साथ हुनर सीखने से उन्हें भविष्य को लेकर नई उम्मीद मिली है। उन्होंने सरकार और शिक्षकों का आभार जताते हुए कहा कि इस तरह की पहल से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।

अधीक्षक ज्योति बाला चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी योजनाएं महिलाओं और बालिकाओं को आगे बढ़ाने में प्रेरणादायक साबित हो रही हैं।

वहीं, छात्रावास की बालिकाओं ने भी कहा कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का वे दिल से धन्यवाद करती हैं।

छात्रावास की बालिकाएं ज्योति डावर, सोनी मोरे और धुधारी चौहान ने भी शिक्षा के साथ-साथ स्किल-बेस्ड ट्रेनिंग देने के लिए सरकार और अपने टीचर्स को धन्यवाद दिया। बालिकाओं ने कहा कि इस तरह के स्किल्स सीखने से उनका कॉन्फिडेंस बढ़ा है। उन सभी ने आत्मनिर्भर बनने का मौका देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया।
 

Similar threads

Latest Replies

Forum statistics

Threads
5,688
Messages
5,720
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top