नई दिल्ली, 10 फरवरी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों के लिए वित्तीय सुरक्षा और शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने मंगलवार को ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ शुरू करने की घोषणा की, जो वर्ष 2008 की लाडली योजना को एक दशक से अधिक समय बाद उन्नत और पुनर्गठित करती है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली की कोई भी बालिका आर्थिक बाधाओं के कारण अपनी शिक्षा बीच में छोड़ने के लिए मजबूर न हो, साथ ही उसके प्रमुख शैक्षणिक चरण पूरे होने तक एक दीर्घकालिक बचत कोष तैयार किया जा सके, जो परिपक्वता पर उपलब्ध हो।
नई योजना के तहत सरकार प्रत्येक लाभार्थी को अधिकतम 56,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जो शिक्षा और आयु से जुड़े चरणों के अनुसार किश्तों में जमा की जाएगी। यह सहायता जन्म से शुरू होकर स्नातक या डिप्लोमा स्तर की पढ़ाई तक जारी रहेगी। संरचित वित्तीय साधन के माध्यम से निवेशित यह संचित राशि समय के साथ बढ़ेगी और परिपक्वता पर लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारी सरकार की उन योजनाओं में से एक है जो मेरे दिल के बहुत करीब है। यह सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि दिल्ली की हर बेटी को अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुंचने का अवसर मिले। यह हमारी बेटियों के भविष्य और इसलिए हमारे देश के भविष्य में निवेश है, जो उनके सक्षम हाथों में है। जैसे-जैसे लड़कियां शिक्षा के चरण पार करेंगी, हम उनके आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे 56,000 रुपये तक जमा करेंगे, जो परिपक्वता पर ब्याज सहित 1 लाख रुपये से अधिक हो जाएगा। उन्होंने बताया कि जब वर्तमान सरकार ने कार्यभार संभाला, तब यह पाया गया कि बड़ी संख्या में परिपक्वता खाते अनक्लेम्ड पड़े थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1.86 लाख से अधिक परिपक्वता खाते अनक्लेम्ड पड़े थे, जिसका अर्थ है कि हमारी बेटियों के लिए निर्धारित धन समय पर उन तक नहीं पहुंचा। इस लंबे समय से लंबित समस्या को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्रवाई की है कि यह धनराशि अपने वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में पहले ही ऐसे 30,000 लाभार्थियों को 90 करोड़ रुपये की अनक्लेम राशि वितरित की जा चुकी है। अब हमने 41,000 और लड़कियों की पहचान की है और शीघ्र ही उन्हें 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जारी की जाएगी। कुल मिलाकर 190 करोड़ रुपये जो इन लड़कियों का अधिकार है, उन्हें सुनिश्चित रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सुदृढ़ दृष्टि और दीर्घकालिक प्रभाव को दर्शाने के लिए इस योजना को अब “लखपति बिटिया योजना” के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार दिल्ली की प्रत्येक बालिका के अधिकार, सम्मान और भविष्य की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और किसी भी लाभार्थी को उसके वैध अधिकार से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।