पटना, 10 फरवरी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर दिए गए 'लड़की' वाले बयान पर सियासत तेज हो गई है।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और कार्यकर्ता लगातार इसका विरोध जता रहे हैं। बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि इस पूरे मामले को विवाद बनाने की कोई जरूरत नहीं है।
पटना में उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लालू यादव के परिवार के बीच निजी रिश्ते हैं। मुख्यमंत्री और राबड़ी देवी अक्सर एक-दूसरे को बहुत कुछ कहते रहते हैं। इसे कोई बड़ा विवाद बनाने की आवश्यकता नहीं है। दोनों के बीच व्यक्तिगत संबंध हैं और इसी आधार पर वे खुलकर बात करते हैं।
वहीं, बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि मुझे नहीं पता कि विपक्ष सदन के अंदर लगातार अनुशासनहीन तरीके से क्यों व्यवहार कर रहा है। यह गरिमापूर्ण लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। चाहे विधानसभा हो या विधान परिषद, गंभीर से गंभीर मुद्दे उठाने के नियम बताए गए हैं। उन नियमों के तहत अगर विपक्ष सवाल उठाए तो सरकार सभी सवालों के जवाब देने को तैयार रहती है, लेकिन अगर सिर्फ हंगामा करना ठान लिया है तो यह संसदीय लोकतंत्र में शोभनीय आचरण नहीं माना जाता।
बता दें कि सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ राजद ने मोर्चा खोल दिया है। राजद नेताओं का दावा है कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री की एक महिला के प्रति ऐसी सोच है तो महिलाओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
राजद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा कि जिस राज्य का मुख्यमंत्री सदन में सबके सामने बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के साथ अभद्र शब्दों का इस्तेमाल करता हो, उस राज्य में महिलाओं के साथ गुंडे और अपराधी किस तरह का दुस्साहस करेंगे, यह कल्पना करना किसी के लिए मुश्किल नहीं है। जब मुख्यमंत्री ही महिलाओं से ठीक ढंग से बात नहीं करते तो बिहार पुलिस का आचरण महिलाओं के लिए कैसा होगा। नीतीश कुमार का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। वे सदन की गरिमा के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में व्यवस्था और कानून-व्यवस्था के लिए भी खतरा बन चुके हैं। आज बिहार विधान परिषद के मुख्य द्वार पर विपक्ष के सभी विधान परिषद सदस्यों ने मुख्यमंत्री की अभद्र भाषा और व्यवहार का विरोध करते हुए नारेबाजी की।