इंफाल, 10 फरवरी। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ विजन की सराहना करते हुए कहा कि यह ‘विकसित मणिपुर’ के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
राज्य में हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने यहां बीर टिकेंद्रजीत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से स्पाइसजेट की इंफाल से गुवाहाटी, कोलकाता और मुंबई के लिए सीधी उड़ान सेवाओं की शुरुआत को हरी झंडी दिखाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में राज्य से बाहर यात्रा करने वाले लोगों के लिए हवाई यात्रा सबसे पसंदीदा साधन बन गई है। उन्होंने एयरलाइन को निर्देश दिया कि वह हवाई किराए की समीक्षा करे, ताकि आम लोगों के लिए यात्रा किफायती बन सके।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गुवाहाटी जाने वाली स्पाइसजेट की पहली उड़ान के यात्री को बोर्डिंग पास सौंपा।
इस मौके पर कांग्रेस के लोकसभा सांसद आंगोमचा बिमोल अकोइजाम, विधायक टोंगब्राम रॉबिंद्रो सिंह और खाशीम वाशुम, परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग बाजपेयी, राज्य सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के अधिकारी तथा स्पाइसजेट के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
इस बीच, मणिपुर सरकार कई बार नागरिक उड्डयन मंत्रालय से इंफाल से जुड़ी उड़ानों के अत्यधिक किराए को कम कराने और अतिरिक्त उड़ानें शुरू कराने की मांग कर चुकी है।
परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग बाजपेयी ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं और मणिपुर के लोगों को हो रही परेशानियों को सामने रखा।
उन्होंने बताया कि इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और एलायंस एयर जैसी एयरलाइंस द्वारा वसूले जा रहे अत्यधिक किराए लोगों के लिए भारी संकट पैदा कर रहे हैं। कई मामलों में टिकट के दाम अन्य पूर्वोत्तर राज्यों की तुलना में पांच से छह गुना अधिक बताए गए हैं।
बाजपेयी ने यह भी कहा कि इंफाल सेक्टर में हवाई किराए की सीमा से जुड़े सरकारी दिशानिर्देशों का पालन नहीं हो रहा है और अक्टूबर के बाद से इन रूट्स पर विमानों की संख्या भी घटा दी गई है।
उन्होंने जानकारी दी कि एलायंस एयर ने इंफाल-सिलचर, इंफाल-आइजोल और इंफाल-डिब्रूगढ़ जैसे अहम रूट्स पर अपनी सेवाएं बंद कर दी हैं और नागरिक उड्डयन मंत्रालय से इन्हें तत्काल बहाल कराने का आग्रह किया है।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने इन रूट्स को मजबूत जन मांग को देखते हुए क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत फिर से शामिल करने की भी मांग की है।