भारत-अमेरिका डील को 'ढील' बता अखिलेश यादव का केंद्र पर वार, पूछा- बजट से पहले क्यों ये सौदा तैयार?

लोकसभा में अखिलेश यादव ने भारत-यूएस डील को बताया 'ढील', केंद्र को घेरा


नई दिल्ली, 10 फरवरी। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या यह समझौता फाइनल करने से पहले यूनियन बजट तैयार किया गया था या इसके विपरीत।

अखिलेश यादव की यह टिप्पणी इस हफ्ते की शुरुआत में भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट पर पहुंचने के बाद आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत ने कुछ इंपोर्ट पर टैरिफ 18 प्रतिशत तक घटा दिया है, जबकि भारत ने अमेरिका के कुछ प्रोडक्ट्स पर जीरो परसेंट टैरिफ लगाने पर सहमति दी है। हालांकि, भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने अब तक इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

लोकसभा में यूनियन बजट पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने सरकार की ट्रेड पॉलिसी और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) के प्रभाव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा, "भाजपा कहती है कि भारत का कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है। लेकिन, मैं जानना चाहूंगा कि किन देशों के साथ एफटीए मुमकिन नहीं होगा? भाजपा कई देशों के साथ एफटीए साइन करना चाहती है। लेकिन, इसके असली नतीजे क्या होंगे?"

अमेरिका के साथ हुए समझौते पर टिप्पणी करते हुए यादव ने कहा, "इतने सारे एफटीए के बावजूद अमेरिका के साथ हुई डील असल में एक ढील (समझौता) है, न कि ठोस समझौता। इसके बाद हमारा रुपया कहां जाएगा, कौन जानता है। अगर यह डील करनी ही थी, तो 11 महीने की देरी क्यों हुई? हमारे व्यवसायियों और उद्योगपतियों को इतना लंबा इंतजार करना पड़ा।"

अखिलेश यादव ने केंद्र से यह भी पूछा कि क्या सरकार ने इस डील के असर को सही से आंका और क्या यह भारत के व्यवसाय और अर्थव्यवस्था के हित में है। उनका कहना था कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट देश की आर्थिक सुरक्षा और रुपये की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इसे सोच-समझकर लागू किया जाना चाहिए।

समाजवादी पार्टी के प्रमुख और लोकसभा सदस्य अखिलेश यादव ने आर्थिक फैसलों की टाइमिंग पर सवाल उठाया और पूछा, "बजट पर सवाल यह है कि पहले क्या हुआ, डील या बजट?"

अखिलेश यादव ने भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड एग्रीमेंट को देखते हुए केंद्र सरकार के आत्मनिर्भरता और स्वदेशी उत्पादन पर जोर देने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, "क्या इस डील पर साइन होने के समय आत्मनिर्भरता और स्वदेशी जैसे शब्द डिक्शनरी से हटा दिए गए थे, या इन्हें उल्टे हिस्से में डाल दिया गया था? 500 मिलियन का एकतरफा ट्रेड... हमारे आत्मनिर्भरता और स्वदेशी के नारे कहां जाएंगे? देश की जनता भाजपा से पूछ रही है कि जब डील कभी एकतरफा नहीं होती, तो क्या 0 और 18 बराबर हैं? भाजपा 18 को 0 के बराबर मानती है।

इसके अलावा, अखिलेश यादव ने यूनियन बजट की आलोचना भी की और आरोप लगाया कि यह हाशिए पर पड़े समुदायों की जरूरतों को पूरा करने में नाकाम रहा। उन्होंने कहा, "इस बजट में पीडीए, गरीब, दलित और आदिवासियों के लिए कुछ नहीं था।" यादव ने सरकार पर समाज के इन वर्गों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
 
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