नई दिल्ली, 10 फरवरी। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस ने लोकसभा सचिवालय को नोटिस दे दिया है। कांग्रेस सांसदों का आरोप है कि लोकसभा अध्यक्ष अपने पद पर सही से काम नहीं कर रहे हैं।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्षी पार्टियों के अविश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "पार्टी ने जो भी फैसला लिया है। जाहिर है, सदस्य के तौर पर मैं पार्टी का सपोर्ट करता हूं।"
बजट सत्र पर शशि थरूर ने अपनी चिंता जताई। थरूर ने कहा, "यह ठीक नहीं है। दोनों पक्षों को सहयोग करना चाहिए। सरकार को सदन को आसानी से चलाने का प्रयास करना चाहिए और विपक्ष को भी आम सहमति से बात करनी चाहिए।"
पश्चिम बंगाल के तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव लाने पर कहा कि तृणमूल कांग्रेस सभी सांसदों के साइन के साथ इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ेगी।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर पहले स्पीकर को एक पत्र लिखा जाएगा, जिसमें विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर होंगे। यदि स्पीकर इस पर कोई कदम नहीं उठाते, तो नो-कॉन्फिडेंस मोशन लाने का विकल्प हमेशा मौजूद रहेगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जिस तरह से काम कर रहे हैं, वह सही नहीं है।
वहीं, पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की किताब के लीक होने और दिल्ली पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज किए जाने पर कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "यह सिर्फ मुद्दों से ध्यान हटाने का प्रयास है। दिल्ली पुलिस कौन है? यह होम मिनिस्ट्री के अधीन आती है। किस तरह की कार्यवाही की जा रही है? आप तो कह दीजिए न कि नरवणे ने झूठ बोला था। क्यों इस तरह से माहौल बनाया जा रहा है?
उन्होंने कहा कि भाजपा इस पर बोलने से बच रही है, इसीलिए कुछ न कुछ विवाद करा रही है। एमएम नरवणे की किताब में कई सारी ऐसी बातें लिखी हैं, जिनसे भाजपा की सच्चाई खुल जाएगी, इसीलिए ये लोग इसको प्रकाशित नहीं होने दे रहे हैं।
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने भी टिप्पणी की। उनका कहना था, "दिल्ली पुलिस ने भाजपा के दबाव में एफआईआर दर्ज की है। यह भाजपा सरकार का प्रयास है, जिससे इस मामले को राजनीतिक रंग दिया जा सके। इन लोगों को नहीं पता ये कभी कामयाब नहीं होंगे।"