नई दिल्ली, 10 फरवरी। लोकसभा में पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब को लेकर विपक्ष के विरोध को भाजपा नेताओं ने साजिश करार दिया है। भाजपा के नेताओं ने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसीलिए ये लोग अब नई कहानी लेकर आ गए हैं।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष की आलोचना की और कहा, "राहुल गांधी की जिद के कारण इस बजट सत्र का पूरा कामकाज विफल हो गया है। विपक्ष को अपना मुद्दा रखने का मंच मिलना चाहिए, लेकिन राहुल गांधी की जिद के कारण सदन में कोई संवाद नहीं हो रहा। इसके साथ ही लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना निंदनीय है, क्योंकि उन्होंने हमेशा सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों को बराबरी का मौका दिया है।"
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी विपक्ष के व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "अगर प्रकाशन ने कह दिया कि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है, तो इसे गलत क्यों बताया जा रहा है? राहुल गांधी ने जानबूझकर सदन को बंधक बना लिया है, जो कि अमर्यादित है। विपक्ष के नेता को संसदीय ज्ञान नहीं है।"
भाजपा सांसद रवि किशन ने इस कदम को 'ड्रामा' करार दिया और कहा, "यह साफ है कि इनको प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा की जीत से चिढ़ है। इन दलों को यह समझ में नहीं आता कि क्यों भाजपा हर राज्य में जीत रही है। पूरे देश और दुनिया में ये अपना मजाक उड़ा रहे हैं।"
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने किताब को लेकर उठे विवाद पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "क्या नरवणे साहब की किताब छपी है? जो किताब वो बात कर रहे हैं, वह तो अभी प्रकाशित ही नहीं हुई है। अगर इतना ही प्यार है तो पहले उसे प्रकाशित करवा लें।"
भाजपा सांसद अरुण गोविल ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर टिप्पणी की और कहा, "राहुल गांधी लोकसभा के नियमों का पालन नहीं करना चाहते। जब कहा गया कि हम अनपब्लिश्ड किताब को कोट नहीं कर सकते, तो वह इसे समझने के लिए तैयार नहीं हैं।"
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि राहुल गांधी अपनी शर्तों पर काम करना चाहते हैं, जो संसदीय नियमों के खिलाफ है। इसीलिए राहुल गांधी को ये सब नहीं करना चाहिए, सदन में जनता की समस्याओं पर बात करने की जरूरत है।
भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को "बकवास" करार दिया। उनका कहना था, "विपक्ष सदन का बहिष्कार कर रहा है, चर्चा में भाग नहीं ले रहा। यह सिर्फ जनता का पैसा बर्बाद करने का एक तरीका है।"