सीएम रेखा गुप्ता संग शिक्षा मंत्री ने 100 आधुनिक आईसीटी लैब्स और डीआईईटी का किया उद्घाटन, बदलाव क्लासरूम में

सीएम रेखा गुप्ता की मौजूदगी में शिक्षा मंत्री ने किया 100 आधुनिक आईसीटी लैब्स और डीआईईटी का उदघाटन


नई दिल्ली, 10 फरवरी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति में दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने आज सर्वोदय विद्यालय, मानसरोवर गार्डन के नव-निर्मित भवन, 100 आधुनिक आईसीटी लैब्स और डीआईईटी (मंडलीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान), दिलशाद गार्डन का उदघाटन किया।

इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री सूद ने कहा कि राजनीति में “बदलाव” शब्द का अक्सर प्रयोग किया जाता है, लेकिन असली बदलाव अखबारों के फुल-पेज विज्ञापनों में नहीं, बल्कि क्लासरूम की छत और बच्चों की लैब में दिखाई देता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की स्पष्ट सोच और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के कारण आज सरकारी धन विज्ञापन पर नहीं, बल्कि सीमेंट, स्कूल भवन, स्मार्ट क्लासरूम और आईसीटी लैब्स पर खर्च हो रहा है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री जी, शिक्षा निदेशालय की पूरी टीम, लाडली फाउंडेशन और एआईएफ का आभार व्यक्त किया।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि आज के समय में नीट, सीयूईटी, सीएलएटी जैसे हर बड़े एग्जाम के लिए कंप्यूटर लिटरेसी अनिवार्य है, लेकिन वास्तविकता यह है कि कई बच्चों के घरों में कंप्यूटर उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री जी के हालिया दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि जब बच्चों से पूछा गया कि कितनों के घर में कंप्यूटर है, तो केवल 7–8 बच्चों ने हाथ उठाया, और उनमें से भी कुछ बच्चों ने कार्यालय में उपयोग होने वाले लैपटॉप को ही घर का कंप्यूटर मान लिया।

उन्होंने कहा कि एक समय था जब नई शिक्षा नीति 1984 में “ऑपरेशन ब्लैकबोर्ड” के तहत हर कक्षा में ब्लैकबोर्ड पहुंचाना लक्ष्य था। आज, माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में, दिल्ली सरकार दिल्ली के प्रत्येक स्कूल की हर क्लासरूम में स्मार्ट बोर्ड पहुँचाने के लक्ष्य की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रही है।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि दिल्ली में 7,000 से अधिक नए कंप्यूटर एक वर्ष से भी कम समय में दिल्ली के सरकारी स्कूलों को दिए जा चुके हैं। 7,000 स्मार्ट ब्लैक बोर्ड्स का टेंडर हो चुका है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 21,000 क्लासरूम्स में अगले 4 वर्षों में स्मार्ट बोर्ड लगाए जाएंगे, जिनकी 5 वर्षों की मेंटेनेंस गारंटी होगी।

मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में 175 आईसीटी लैब्स में 7,000 कंप्यूटरों का टेंडर किया जा चुका है, जो 31 मार्च से पहले आ जाएंगे।

उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके समय में पहले सरकारी स्कूलों में आईसीटी लैब्स में 10 मॉनिटर पर एक सीपीयू लगाकर आईसीटी लैब होने का दावा किया जाता था, और उन्हीं पर फुल-पेज विज्ञापन दिए जाते थे। उन्होंने सर्वोदय विद्यालय, मानसरोवर गार्डन की पुरानी बिल्डिंग की आईसीटी लैब दिखाते हुए कहा की पहले ये हालत थी न तो लैब्स में कंप्यूटर थे और न ही बच्चों को आईटी इनेबल्ड शिक्षा दी जाती थी।और दावा किया जाता था वर्ल्ड क्लास एजुकेशन देने का। इस स्कूल की नई बिल्डिंग में आईसीटी लैब में कई कम्प्यूटर, अलग सीपीयू, आदि की सुविधा दी गयी है।

उन्होंने कहा कि आज दिल्ली सरकार द्वारा लाडली फाउंडेशन के सहयोग से स्थापित आईसीटी लैब्स में हर टेबल पर अलग कंप्यूटर और अलग यूपीएस उपलब्ध कराए गए हैं। लाडली फाउंडेशन द्वारा अब तक 100 आईसीटी लैब्स में 2,000 कंप्यूटर डोनेट किए जा चुके हैं और 75 और लैब्स में 1,500 कंप्यूटर देने का वादा किया गया है।

इसके साथ ही दिल्ली सरकार द्वारा कुल 175 लैब्स में 7,000 कंप्यूटरों की व्यवस्था की जा रही है। दिल्ली में 1,000 से अधिक सरकारी स्कूल हैं और अगले 3 वर्षों में हर सरकारी स्कूल में आईसीटी लैब होगी।

उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली के सरकारी स्कूलों में इस वर्ष 100 से अधिक डिजिटल लाइब्रेरी भी स्थापित की जा रही हैं।

शिक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि माननीय मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में दिल्ली में आगामी दिनों में आयोजित होने वाले एआई समिट में दिल्ली सरकार का 600 वर्ग फुट का स्टॉल लगाया जाएगा, जहां दिल्ली में शिक्षा और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हो रहे परिवर्तन को विश्व मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। यह भी एक बड़ी उपलब्धि है।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने “गिव बैक” अभियान की शुरुआत की घोषणा करते हुए दिल्ली के अभिभावकों, नागरिकों और सरकारी स्कूलों के पूर्व छात्रों से अपील की कि वे शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दें।

उन्होंने कहा कि सीएसआर सहयोग लेने के बाद भी सरकार अपनी ज़िम्मेदारी से पीछे नहीं हट रही, बल्कि समाज के साथ मिलकर सरकारी और निजी स्कूलों के बीच की खाई को समाप्त करने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है।

कार्यक्रम के अंत में शिक्षा मंत्री ने माननीय मुख्यमंत्री जी, शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों, लाडली फाउंडेशन, एआईएफ और सभी सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि दिल्ली में शिक्षा परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, “बॉल रोलिंग शुरू हो गई है” और यह बहुत तेज गति से आगे बढ़ेगी।
 

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