नई दिल्ली, 10 फरवरी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के कथित विवादित वीडियो को लेकर मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सीपीआई (एम) ने मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
वरिष्ठ वकील निजाम पाशा ने इस मामले को भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के समक्ष उल्लेख किया। वकील ने अदालत को बताया कि असम के मुख्यमंत्री द्वारा मुस्लिम समुदाय को लेकर कई विवादित बयान दिए गए हैं। इसके अलावा, हाल ही में एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें मुख्यमंत्री को मुस्लिम टोपी पहने कुछ लोगों की ओर बंदूक से निशाना साधते हुए दिखाया गया है। वकील ने कोर्ट को यह भी बताया कि इस मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने इस पर अदालत के हस्तक्षेप की मांग की।
इस पर मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा कि समस्या यह है कि जैसे ही चुनाव आते हैं, आधी चुनावी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में लड़ी जाने लगती है। हालांकि, अदालत ने मामले को खारिज नहीं किया और कहा कि इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।
इससे पहले, एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी सोमवार को असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ हैदराबाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत सरमा के खिलाफ उस वीडियो के लिए तुरंत कार्रवाई की मांग की थी, जिसमें उन्हें मुसलमानों को गोली मारते हुए दिखाया गया था। हालांकि, बाद में उस वीडियो को डिलीट कर दिया गया था।
पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार के पास सीएम सरमा के खिलाफ मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को भड़काने के जानबूझकर और गलत इरादे वाले कामों के लिए शिकायत दर्ज कराते हुए, हैदराबाद सांसद ने असम के मुख्यमंत्री पर दो धार्मिक समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था।