पटना, 10 फरवरी। बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने पटना में विभिन्न राष्ट्रीय और राजनीतिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्षी नेताओं को घेरा है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और पाकिस्तान के हालिया रुख पर अपनी बात रखी।
संसद में राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए दिलीप जायसवाल ने आईएएनएस से कहा कि वह सदन के भीतर जिस तरह का व्यवहार कर रहे हैं, वह पूरी तरह असंवैधानिक है और इससे विपक्ष की गरिमा भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका बेहद अहम होती है, लेकिन अहंकार के साथ राजनीति नहीं चलाई जा सकती। राहुल गांधी को अपने आचरण में सुधार करना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान 'बंट गए तो काटने के रास्ते खुल जाएंगे' पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री जायसवाल ने कहा कि समाज को बांटने की कोशिश लंबे समय से होती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सनातन और हिंदू समाज को जाति के आधार पर बांटने का एक सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है, जिसे देश की जनता अब समझने लगी है।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप जायसवाल ने कहा कि ओवैसी बार-बार ऐसे मुद्दे उठाते हैं, जिनसे भावनाएं भड़कें और देश में अशांति फैले। उन्होंने कहा कि हालांकि ऐसी बयानबाजी होती रहती है, लेकिन देश और उसका संविधान बेहद मजबूत हैं और ऐसे प्रयास कभी सफल नहीं होंगे।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए दिलीप जायसवाल ने कहा कि एसआईआर मुद्दे को लेकर वह शुरू से ही बेवजह का हंगामा कर रही हैं। मंत्री जायसवाल ने आरोप लगाया कि बंगाल में टीएमसी के गुंडे खुलेआम कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं, जिससे राज्य की जनता अब उनके खिलाफ खड़ी होने को तैयार है। अब ममता बनर्जी बंगाल छोड़कर दिल्ली जा रही हैं और वहां भी 'ड्रामा' करने की कोशिश करेंगी, जबकि सुप्रीम कोर्ट खुद जानता है कि बिहार में चुनाव और एसआईआर प्रक्रिया पूरी तरह सही और पारदर्शी तरीके से हुई है।
वहीं, भारत के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप मैच के बहिष्कार के फैसले से पाकिस्तान के पीछे हटने पर मंत्री जायसवाल ने कहा कि पहले भी यह सब सिर्फ दिखावा ही लग रहा था। खेल के माहौल को राजनीति से खराब करना सही नहीं है। देर से ही सही, यह फैसला बेहतर है।