नोएडा, 9 फरवरी। हिंडन डूब क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की लंबे समय से चली आ रही समस्या को लेकर सोमवार को एक बार फिर लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। भारतीय किसान परिषद के तत्वाधान में डूब क्षेत्र की लगभग 40 कॉलोनियों के सैकड़ों लोगों ने पैदल मार्च निकालकर सेक्टर-16 स्थित बिजली घर पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तिरंगा और बिजली सप्लाई की मांग से जुड़े तख्तियां थीं, जिन पर 'हमें बिजली दो', 'बिजली हमारा अधिकार है' जैसे नारे लिखे हुए थे।
प्रदर्शन की शुरुआत सेक्टर-5 स्थित हरौला बारात घर से हुई, जहां पहले सभी कॉलोनियों के लोग एकत्रित हुए। इसके बाद पैदल मार्च उद्योग मार्ग से गोलचक्कर, फिर डीएससी रोड होते हुए सेक्टर-15 मेट्रो स्टेशन के रास्ते सेक्टर-16 बिजली घर तक निकाला गया। पैदल मार्च के दौरान जिन-जिन मार्गों से लोग गुजरे, वहां एहतियातन यातायात को अस्थायी रूप से रोक दिया गया, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
मार्च समाप्त होने के बाद यातायात को पुनः सामान्य कर दिया गया। सैकड़ों की संख्या में लोग बिजली कार्यालय पहुंचे और वहां प्रदर्शन शुरू किया। इस दौरान बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पूरे पैदल मार्च और प्रदर्शन के दौरान एडीसीपी और दोनों एसीपी समेत कई थानों की पुलिस मौजूद रही, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
भारतीय किसान परिषद के अध्यक्ष सुखबीर ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि जिले में रहने वाले हर नागरिक को बिजली आपूर्ति देना विद्युत निगम की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद डूब क्षेत्र में रहने वाले लाखों लोग आज भी बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि बिजली न होने के कारण पानी की सप्लाई भी बाधित है, जिससे लगभग ढाई लाख लोगों का जीवन बेहद कठिन हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की सेहत और रोजमर्रा के कामकाज पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक डूब क्षेत्र में बिजली सप्लाई शुरू नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जरूरत पड़ी तो सांसद और विधायक का घेराव भी किया जाएगा।
वहीं, प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि वोट मांगने जरूर आते हैं, लेकिन बाद में समस्याओं की ओर ध्यान नहीं देते। इसी वजह से वर्षों बीत जाने के बावजूद आज तक डूब क्षेत्र में बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि बिजली सप्लाई के अभाव में उन्हें तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और अब वे अपने अधिकार के लिए पीछे हटने वाले नहीं हैं।