त्रिपोली, 9 फरवरी। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (आईओएम) ने सोमवार को बताया कि लीबिया के तट के पास एक नाव पलटने से दो बच्चों समेत 53 प्रवासी या तो मारे गए या लापता हो गए।
55 लोगों को ले जा रहा जहाज शुक्रवार को उत्तर-पश्चिमी लीबिया के ज़ुवारा शहर के उत्तर में पलट गया। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, लीबियाई अधिकारियों ने केवल दो लोगों को बचाया, दोनों नाइजीरियाई मूल की महिलाएं थीं। आईओएम को एक जीवित बची महिला ने बताया कि उसने इस हादसे में अपने पति को खो दिया; दूसरी ने अपने दो बच्चों को खो देने की बात कही।
जानकारी के मुताबिक, यह नाव 5 फरवरी की देर रात पश्चिमी शहर अल-जाविया से निकली थी। जीवित बचे लोगों ने संयुक्त राष्ट्र की माइग्रेशन एजेंसी को बताया कि यात्रा शुरू होने के लगभग छह घंटे बाद नाव में पानी भरने लगा और वह पलट गई।
आईओएम ने कहा कि उसकी टीमों ने महिलाओं को इमरजेंसी मेडिकल मदद दी।
सेंट्रल मेडिटेरेनियन सी का ये रास्ता सबसे खतरनाक प्रवासी रास्तों में से एक बना हुआ है, और इस त्रासदी से 2026 में ही मरने वालों की संख्या 484 हो गई है।
एजेंसी ने चेतावनी दी कि तस्करी नेटवर्क खराब जहाजों का इस्तेमाल कर प्रवासियों का फायदा उठाना जारी रखे हुए हैं। इस गंभीर मसले पर ध्यान देने की बात उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से की है।
पिछले नवंबर में, आईओएम ने कहा था कि लीबिया के तट से दूर 49 प्रवासियों और शरणार्थियों को ले जा रही एक रबर की नाव पलट गई थी, जिसमें 42 लोगों की मौत हो गई थी।
एक बयान में, आईओएम ने कहा कि लीबियाई अधिकारियों ने 8 नवंबर को अल बूरी तेल क्षेत्र के पास एक खोजी और बचाव अभियान चलाया। तब लीबिया के तटीय शहर ज़ुवारा से निकला जहाज पलट गया था।
जीवित बचे लोगों के अनुसार, नाव 3 नवंबर को ज़ुवारा से निकली थी। इसके निकलने के लगभग छह घंटे बाद, ऊंची लहरों के कारण इंजन खराब हो गया, जिससे जहाज पलट गई और सभी यात्री समुद्र में बह गए।
छह दिनों बाद सात लोगों को बचाया गया। इनमें चार सूडान के, दो नाइजीरिया से और एक कैमरून से था। आईओएम ने कहा कि 42 लापता प्रवासियों को मृत मान लिया गया, जिनमें 29 सूडान से, आठ सोमालिया से, तीन कैमरून से और दो नाइजीरिया से थे।
आईओएम के मिसिंग माइग्रेंट्स प्रोजेक्ट डेटा के अनुसार, 2025 में सेंट्रल मेडिटेरेनियन में 1,000 से ज्यादा प्रवासियों और शरणार्थियों की मौत हुई।
संयुक्त राष्ट्र की मान्यता प्राप्त गवर्नमेंट ऑफ नेशनल यूनिटी (जीएनयू) के तहत लीबिया के रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की कि उसने उत्तर-पश्चिमी लीबिया में अवैध प्रवासियों की तस्करी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कई नावों को निशाना बनाया है।
सरकारी लिबिया नेशनल टीवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट में बताया था कि राजधानी त्रिपोली से लगभग 120 किमी पश्चिम में ज़ुवारा पोर्ट के अंदर किए गए हवाई हमले सटीकता से किए गए और इनमें जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ।
फील्ड सूत्रों ने चैनल को बताया कि ये हवाई हमले इलाके में काम कर रहे स्मगलिंग नेटवर्क की कड़ी निगरानी और ट्रैकिंग के बाद किए गए थे।
मंत्रालय के अनुसार, यह ऑपरेशन मानव तस्करी नेटवर्क से लड़ने और लिबिया के तटीय इलाकों से प्रवासियों के प्रवाह को रोकने के लिए चल रहे सुरक्षा प्रयासों का हिस्सा था।
लिबिया लंबे समय से यूरोप से भौगोलिक नजदीकी और अपनी लंबी भूमध्यसागरीय तटरेखा के कारण अवैध प्रवासियों के लिए एक प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट रहा है।