भारत-अमेरिका ट्रेड डील से रत्न-आभूषण निर्यात को पंख! अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों के लिए अब जीरो टैरिफ

भारत-अमेरिका ट्रेड डील से देश के रत्न और आभूषण निर्यात को मिलेगा बढ़ावा : इंडस्ट्री


मुंबई/जयपुर, 9 फरवरी। देश में रत्न और आभूषण से जुड़े कारोबारियों ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील का स्वागत किया है और इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे भारत के निर्यातकों के लिए हाई-वैल्यू वाला अमेरिकी बाजार खुलेगा और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

किरन जेम्स प्राइवेट लिमिटेड के दिनेश लखानी ने कहा कि इस समझौते से दोनों अर्थव्यवस्थाओं को फायदा होगा साथ ही, इससे अधिक टैरिफ से प्रभावित हुए निर्यात को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

सेक्टर पर इस समझौते के असर के बारे में बताते हुए लखानी ने कहा कि भारत के 50 प्रतिशत से अधिक रत्न और आभूषण का निर्यात अमेरिका को होता है और अमेरिकी टैरिफ के कारण बीते एक साल में यह काफी रुक गया है।

उन्होंने आगे कहा कि भारत के रत्न और आभूषण पर अमेरिकी टैरिफ जीरो हो गया है। इससे भारतीय उत्पादों के लिए एक बड़ा बाजार खुल गया है। अमेरिका के ज्वेलर्स और चेन स्टोर्स भारत से अधिक मात्रा में सामान की खरीद कर पाएंगे।

लखानी ने बताया कि भारत केवल एक सर्विस केंद्रित अर्थव्यवस्था नहीं रह गया है। देश ने हाल ही में यूके और ईयू के साथ भी व्यापार समझौते किए हैं, जिससे भारत की वैश्विक बाजार में स्थिति मजबूत हुई है। यह समझौते विकसित भारत 2047 का लक्ष्य पाने में मदद करेंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि इस समझौते के तहत अमेरिका को होने वाला निर्यात पिछले डेढ़ साल की तुलना में लगभग दोगुना होने की उम्मीद है।

इस मुद्दे पर जयपुर के राजीव जैन, जो संभवन जेम्स लिमिटेड के चेयरमैन और जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) के पूर्व चेयरमैन हैं, ने कहा कि शुल्कों में कमी से निर्यातकों को बहुत जरूरी राहत मिली है।

जैन ने कहा कि अमेरिका भारत के रत्न और आभूषण निर्यात के लिए सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है। उन्होंने आगे कहा, “उच्च शुल्कों के कारण पहले बड़ा झटका लगा था। यह कदम निर्यातकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है और इसके लिए हम सरकार और प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद करते हैं।”
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top