भोपाल, 9 फरवरी। मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने सोमवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस को सनातन धर्म, हिंदू दर्शन, त्योहारों और संतों का विरोध करने वाली पार्टी करार दिया और अब इस्लामिक हिजरी कैलेंडर बांटने पर सवाल उठाया। सारंग ने कहा कि कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति में किसी भी हद तक जा सकती है।
पत्रकारों से बातचीत में विश्वास सारंग ने कहा, "कांग्रेस सनातन धर्म, हिंदू दर्शन, हिंदू त्योहारों और संतों का विरोध करती है। अब इस्लामिक कैलेंडर बांटकर वे क्या साबित करना चाहते हैं? कोई एक भी उदाहरण दें जब किसी कांग्रेस नेता ने हिंदू त्योहार से जुड़ा कोई सकारात्मक साहित्य या सामग्री बांटी हो।"
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव के समय जनेऊ पहनकर खुद को हिंदू दिखाती है, लेकिन पर्दे के पीछे मुस्लिम तुष्टिकरण करती है। यदि भाजपा या कोई अन्य पार्टी हिंदू धार्मिक आयोजन करती है, तो कांग्रेस भगवावाद का आरोप लगाती है, लेकिन खुद हिजरी कैलेंडर बांटकर अपनी मुस्लिम परस्ती साफ कर रही है।
सारंग ने राम मंदिर विरोध का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस राम मंदिर का विरोध करती है, भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाती है और सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर राम का अस्तित्व नकारती है। वहीं दूसरी ओर इस्लामिक कैलेंडर बांटती है। यह स्पष्ट अल्पसंख्यक तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति है।"
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस की यह दोहरी नीति जनता के सामने आ चुकी है। वे हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं, लेकिन अल्पसंख्यकों को लुभाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
यह बयान भोपाल की नरेला विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला द्वारा 50 हजार हिजरी कैलेंडर छपवाकर मस्जिदों और मुस्लिम परिवारों में बांटने के बाद आया है। नरेला में लगभग 28 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं, जो करीब एक लाख से अधिक हैं। कांग्रेस इसे गंगा-जमुनी तहजीब और मोहब्बत की दुकान बता रही है, जबकि भाजपा इसे कट्टरपंथियों को बढ़ावा देने वाली राजनीति करार दे रही है।