मुंबई, 9 फरवरी। मुंबई पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान तेज करते हुए हाल ही में बड़ी कार्रवाई की है।
पिछले कुछ दिनों में मुंबई के विभिन्न इलाकों से कुल 30 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। ये सभी लोग लंबे समय से फर्जी पहचान पत्रों और दस्तावेजों के सहारे शहर में रह रहे थे। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह कार्रवाई विदेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसमें मुंबई पुलिस की अलग-अलग इकाइयां सक्रिय हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन लोगों ने फर्जी आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य भारतीय पहचान दस्तावेज बनवाकर यहां नौकरी, घर और रोजगार हासिल किया था। कई मामलों में एजेंटों की मदद से यह सब किया गया था। पुलिस को खुफिया सूचनाओं के आधार पर छापेमारी की गई, जिसमें इन नागरिकों को अलग-अलग ठिकानों से पकड़ा गया।
मुंबई पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया है कि इस साल अब तक सैकड़ों बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। कुछ रिपोर्टों में उल्लेख है कि हाल के महीनों में 200 से ज्यादा ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें कई को पहले ही डिपोर्ट किया जा चुका है। यह अभियान अवैध घुसपैठ, राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए चलाया जा रहा है।
हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के बाद उनकी असली पहचान और बांग्लादेशी नागरिकता की पुष्टि हुई है। अब विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर डिपोर्टेशन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। बांग्लादेश उच्चायोग को भी सूचित किया गया है। पुलिस का कहना है कि ऐसे सभी मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और अवैध रूप से रहने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।