नई दिल्ली, 9 फरवरी। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के बीच सोमवार को मुलाकात हुई। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स के संबंध केवल राजनयिक स्तर तक सीमित नहीं है, हिंद महासागर की लहरें सदियों से हमारे लोगों को जोड़ती आ रही है। इसके तटों पर दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ा, संस्कृतियां मिली और विश्वास की परंपराएं मजबूत होती गई।
बैठक के बाद पीएम मोदी ने संयुक्त बयान देने के दौरान कहा, "मुझे राष्ट्रपति हर्मिनी और उनके डेलिगेशन का स्वागत करते हुए बहुत खुशी हो रही है। सेशेल्स के राष्ट्रपति के तौर पर उनके चुने जाने पर, मैं भारत के 1.4 बिलियन लोगों की ओर से उन्हें बधाई देता हूं। राष्ट्रपति के तौर पर यह उनकी पहली भारत यात्रा है। उनकी यह यात्रा ऐसे शुभ वर्ष में हो रही है, जब सेशेल्स का 50वां स्वतंत्रता दिवस और हमारे राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है।"
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमें विश्वास है कि ये मील का पत्थर हमें निरंतर नई ऊंचाइयों को छूने के लिए प्रेरित करते रहेंगे। भारत और सेशेल्स के संबंध केवल राजनयिक स्तर तक सीमित नहीं है, हिंद महासागर की लहरें सदियों से हमारे लोगों को जोड़ती आ रही है। इसके तटों पर दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ा, संस्कृतियां मिली और विश्वास की परंपराएं मजबूत होती गई।"
पीएम मोदी ने कहा, "हम अपने आर्थिक सहयोग को और सुदृढ़ बनाने के लिए नए अवसरों की तलाश जारी रखने पर हम सहमत हैं। लोकल करेंसी में व्यापार बढ़ाने के साथ-साथ हम फिनटेक और डिजिटल समाधान में भी आगे बढ़ेंगे। विकास साझेदारी भारत-सेशेल्स संबंधों की मजबूत नींव रही है। हमारे सभी प्रयास सेशेल्स की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं पर आधारित हैं। आगे बढ़कर भी इस दिशा में आज हम 175 मिलियन डॉलर के खास इकोनॉमिक पैकेज की घोषणा करने जा रहे हैं।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पैकेज सोशल हाउसिंग, ईमोबिलिटी, व्यवसायिक प्रशिक्षण, स्वास्थ्य, रक्षा और मैरीटाइम सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में ठोस परियोजनाओं को सपोर्ट देगा। इन पहलों से सेशेल्स के लोगों, खासकर युवाओं, के लिए रोजगार और कौशल के नए अवसर खुलेंगे। मुझे खुशी है कि सेशेल्स के सिविल सर्वेंट की भारत में ट्रेनिंग के लिए आज एमओयू किया जा रहा है। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के तहत हम भारत का सफल अनुभव सेशेल्स के साथ साझा करेंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत एक विश्वसनीय साझेदार रहा है। हम सेशेल्स के साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे।