नई दिल्ली, 9 फरवरी। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को कथित शराब घोटाले से जुड़े दो मामलों में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत के खिलाफ दायर याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है। इस मामले की अगली सुनवाई अब दो सप्ताह बाद होगी, जब अदालत तय करेगी कि चैतन्य बघेल की जमानत बरकरार रखी जाए या खारिज की जाए।
यह मामला हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने से जुड़ा है जिसमें चैतन्य बघेल को कथित शराब घोटाले के दो अलग-अलग मामलों में जमानत दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) ने कहा कि फिलहाल मामले की सुनवाई दो हफ्ते के लिए स्थगित की जा रही है। सीजेआई ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस दौरान मामले से संबंधित कोई नया घटनाक्रम या महत्वपूर्ण प्रगति होती है, तो राज्य सरकार उसे रिकॉर्ड पर रख सकती है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के मामले में हाईकोर्ट ने जनवरी में चैतन्य बघेल को जमानत दी थी। चैतन्य बघेल ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गिरफ्तारी के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी।
बता दें कि ईडी ने विशेष अदालत में अंतिम अभियोजन शिकायत दाखिल की थी, जिसमें 59 नए लोगों को आरोपी बनाया गया। इससे कुल आरोपियों की संख्या 81 हो गई। जांच के अनुसार, यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी। ईडी का अनुमान है कि इस अवैध धंधे से करीब तीन हजार करोड़ रुपए की गैरकानूनी कमाई हुई, जिससे राज्य के खजाने को भारी नुकसान पहुंचा। ईडी के अनुसार, इस घोटाले की जांच में एक संगठित सिंडिकेट का पता चला, जिसमें नौकरशाह, राजनीतिक नेता और निजी कारोबारी शामिल थे। सिंडिकेट ने शराब की नीति को कमजोर करके अवैध तरीकों से पैसा कमाया।