हुसैन दलवई का भागवत पर सीधा वार: संविधान सभी को देता है समान अधिकार, फिर क्यों हो रहे मुसलमानों पर हमले?

भारत का संविधान सभी धर्मों के लोगों को समान अधिकार देता है : हुसैन दलवई


मुंबई, 8 फरवरी। कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हिंदुत्व संबंधी बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान सभी धर्मों के लोगों को समान अधिकार देता है और इसमें किसी तरह का भेदभाव स्वीकार्य नहीं है।

दलवई ने स्पष्ट किया कि संविधान के तहत हिंदू, मुस्लिम, दलित, आदिवासी, महिलाएं और अल्पसंख्यक सभी को बराबर अधिकार मिले हैं, लेकिन कुछ संगठनों ने हमेशा इस समानता का विरोध किया है।

हुसैन दलवई ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि मोहन भागवत जो बातें कर रहे हैं, वे संविधान की मूल भावना से जुड़ी हुई हैं, लेकिन व्यवहार में समान अधिकारों का पालन नहीं हो रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि आज मुसलमानों और किसानों पर हमले हो रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है, लेकिन इन मुद्दों पर आरएसएस प्रमुख की चुप्पी सवाल खड़े करती है।

उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं पर खुलकर बोलना जरूरी है, ताकि समाज में सौहार्द बना रहे।

भारत-पाकिस्तान विभाजन के संदर्भ में कांग्रेस नेता ने कहा कि पाकिस्तान का गठन हिंदुओं की भावनाओं के खिलाफ हुआ, यह बात सही है, लेकिन उस समय बड़ी संख्या में मुसलमान भी इसके विरोध में थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम लीग के साथ आरएसएस के कुछ लोगों ने हाथ मिलाया था और सत्ता का लाभ लिया था। दलवई का मानना है कि अगर भारत और पाकिस्तान अलग हो चुके हैं, तो भविष्य में दोनों देशों के बीच रिश्तों को सुधारने और एकता की दिशा में प्रयास होने चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री मलेशिया जाते हैं और वहां के लोगों की मदद करते हैं, तो यह सवाल भी उठता है कि पाकिस्तान के साथ रिश्तों को कैसे संभाला जाए। इस संदर्भ में उन्होंने समाजवादी नेता डॉ. राम मनोहर लोहिया का हवाला देते हुए कहा कि अगर भारत अपने देश के मुसलमानों का सम्मान करेगा, तो पाकिस्तान अपने आप कमजोर हो जाएगा। लेकिन यदि भारत में मुसलमानों को परेशान किया जाएगा, तो पाकिस्तान को भारत के खिलाफ मुद्दे मिलते रहेंगे।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर प्रतिक्रिया देते हुए हुसैन दलवई ने कहा कि इस समझौते से भारत के कृषि क्षेत्र को बड़ा नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका से आने वाले कृषि उत्पाद बिना किसी टैरिफ के भारत में प्रवेश करेंगे, जबकि भारत से अमेरिका जाने वाले उत्पादों पर अभी भी 18 प्रतिशत टैरिफ लागू रहेगा। सरकार यह दावा कर रही है कि टैरिफ कम कर दिए गए हैं, लेकिन यह जनता को गुमराह करने वाला बयान है।

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि इस ट्रेड डील का सीधा नुकसान भारतीय किसानों को होगा। उन्होंने इसे असमान और एकतरफा करार देते हुए कहा कि सरकार को किसानों और देश के कृषि सेक्टर के हितों को ध्यान में रखकर ऐसे अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर फैसला लेना चाहिए, ताकि घरेलू उत्पादकों को नुकसान न उठाना पड़े।
 

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
15,200
Messages
15,237
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top