नायब सैनी बोले: पशुपालन केवल आय नहीं, ग्रामीण विकास की रीढ़! आत्मनिर्भर भारत के लिए इसमें अपार संभावनाएं

पशुपालन केवल आय का स्रोत नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है: नायब सिंह सैनी


चंडीगढ़, 8 फरवरी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में पशुपालन क्षेत्र की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि दूध उत्पादन, मूल्यवर्धन, निर्यात की संभावनाओं और स्टार्टअप संस्कृति में अपार अवसर हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य पशुपालन को आधुनिक, लाभदायक और टिकाऊ बनाना है। इस दिशा में पशु स्वास्थ्य सेवाएं हर गांव तक पहुंचाई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री कुरुक्षेत्र में आयोजित 41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी के तीसरे दिन एक सभा को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री सैनी ने प्रदर्शनी का निरीक्षण किया, विभिन्न नस्लों के पशुओं को देखा और पशुपालकों से बातचीत की।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न श्रेणियों में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले पशुपालकों को पुरस्कार प्रदान करके सम्मानित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि तीन दिवसीय पशु प्रदर्शनी हमारी ग्रामीण संस्कृति, पशुपालन परंपराओं और आत्मनिर्भर भारत के प्रति हमारे बढ़ते संकल्प का जीवंत प्रतीक है। कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि, जो कर्म, कर्तव्य और संतुलन का संदेश देती है, आज पशुपालन विकास और ग्रामीण समृद्धि के संकल्प की साक्षी बन गई है।

उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में, प्रदर्शनी ने पशुपालकों, कृषि विशेषज्ञों, युवाओं, वैज्ञानिकों और उद्यमियों के लिए एक साझा मंच प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन केवल आय का स्रोत नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।

उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा की पहचान समर्पित पशुपालकों, उन्नत नस्लों और वैज्ञानिक सोच से बनी है। दूध और दूध उत्पाद, जैव ऊर्जा, जैविक खाद और ग्रामीण रोजगार पशुपालन पर आधारित हैं। स्वस्थ पशु, समृद्ध किसान और सशक्त गांव ही विकसित भारत और विकसित हरियाणा की राह हैं।
 
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