धनबाद, 8 फरवरी। पिछले दो दिनों से लापता झारखंड के धनबाद शहर के बाबूडीह खटाल निवासी और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के लिए लोन रिकवरी का काम करने वाले अमित कुमार की हत्या कर दी गई है। अमित का शव रविवार को पुलिस ने बरामद कर लिया। इस हत्याकांड में पुलिस ने विकास खंडेलवाल नामक शख्स को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी विकास खंडेलवाल की निशानदेही पर अमित का शव सदर थाना क्षेत्र स्थित सूर्य हाइलैंड सोसाइटी में उसके ही घर से बरामद किया गया। मौके पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई की और पोस्टमॉर्टम के लिए शहीद निर्मल महतो मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया।
अमित कुमार के परिजनों ने शुक्रवार को उसके लापता होने की शिकायत थाने में दर्ज कराई थी। परिजनों ने पुलिस को बताया था कि अमित के मोबाइल फोन से एक अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया था, जिसमें 15 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई थी। रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई थी।
डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नौशाद आलम ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। अमित के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस की गई, जिसके आधार पर जांच का दायरा गोविंदपुर और सरायढेला थाना क्षेत्र तक पहुंचा। इसी क्रम में सूर्य हाइलैंड सिटी इलाके में मोबाइल की गतिविधि लंबे समय तक पाई गई।
पुलिस ने सरायढेला थाना प्रभारी मनोज पांडेय के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर इलाके में छापेमारी की। पूछताछ के दौरान विकास खंडेलवाल को हिरासत में लिया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अमित की हत्या करने की बात कबूल कर ली, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर शव की बरामदगी हुई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी विकास खंडेलवाल और अमित कुमार के बीच करीब एक करोड़ रुपये के लोन सेटलमेंट को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस का कहना है कि इसी विवाद के चलते अमित की हत्या की गई।
परिजनों के अनुसार, अमित शुक्रवार को सुबह करीब 11 बजे घर से निकले थे और बताया था कि उन्हें दूर जाना है तथा लौटने में देर हो सकती है। दोपहर करीब दो बजे से उनका मोबाइल फोन बंद आने लगा, जिससे परिवार को चिंता हुई। इसके बाद फिरौती का कॉल आने पर परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और इस हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस अपराध में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।