गुवाहाटी, 8 फरवरी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार को दावा किया कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ गोगोई ने पाकिस्तान के अली तौकीर शेख को एक गोपनीय रिपोर्ट भेजी थी, जिसकी भारत विरोधी गतिविधियां जांच के दायरे में हैं। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया। सरमा ने कहा कि हमारे स्टेट कैबिनेट ने यह फैसला लिया है कि मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए, ताकि इस मामले का एक तार्किक निष्कर्ष निकाला जा सके। इसलिए हम सोमवार को इस मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजेंगे।
न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि ये आरोप विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा उजागर की गई जांच के निष्कर्षों से सामने आए हैं। असम मुख्यमंत्री ने कहा कि एलिजाबेथ गोगोई ने 9 बार पाकिस्तान की यात्रा की और जब हमने इसका कारण पूछा तो उनके ऑफिस ने इसकी जानकारी न होने की बात कही। उन्होंने कहा कि एक बार एलिजाबेथ गोगोई अपने पति गौरव गोगोई को लेकर पाकिस्तान गईं थी और वो वहां 10 दिनों तक ठहरे थे। हम यह जानना चाहते हैं कि उनके इस पाकिस्तान टूर का अरेंजमेंट किसके द्वारा किया गया था।
मुख्यमंत्री के अनुसार, एसआईटी ने 5 अगस्त, 2014 के एक दस्तावेज का हवाला दिया है, जिसमें कथित तौर पर एलिजाबेथ गोगोई द्वारा गोपनीय चिह्नित 50 पृष्ठों की रिपोर्ट पाकिस्तान में अली तौकीर शेख को भेजे जाने का उल्लेख है।
मुख्यमंत्री सरमा ने दावा किया कि चूंकि यह रिपोर्ट एक चिंताजनक देश को भेजी गई थी, इसलिए इसकी स्थिति एक वर्गीकृत खुफिया संचार और एक क्षेत्रीय खुफिया रिपोर्ट के समान है।
उन्होंने दावा किया कि प्रथम दृष्टया, यह कृत्य आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 2 के प्रावधानों के अंतर्गत आता प्रतीत होता है।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और एसआईटी की जांच के निष्कर्षों के आधार पर सभी कानूनी विकल्पों पर विचार करेगी।
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा कि इस्लामाबाद में अपने कार्यकाल के दौरान एलिजाबेथ गोगोई, पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख द्वारा स्थापित जलवायु परिवर्तन संबंधी गैर-लाभकारी संस्था लीड पाकिस्तान का अभिन्न अंग थीं। बताया जाता है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय जलवायु परियोजनाओं पर काम किया, जिसमें वैश्विक जलवायु और विकास ज्ञान नेटवर्क (सीडीकेएन) में साझा भागीदारी भी शामिल है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि एसआईटी के मुताबिक, नई दिल्ली में 'लीड इंडिया' नाम की एक इकाई विदेशी निधियों के लिए एक माध्यम के रूप में स्थापित की गई थी, जो एफसीआरए की सीमाओं को दरकिनार कर रही थी।
मुख्यमंत्री ने एलिजाबेथ गोगोई पर संवेदनशील सरकारी जानकारी अपने पाकिस्तानी सहयोगी को देने का भी आरोप लगाया।
एसआईटी की जांच में पाया गया कि उन्होंने पाकिस्तान में अपने कार्यकाल के दौरान असम सरकार की एक आंतरिक गोपनीय रिपोर्ट (जिसमें गोपनीय मानी जाने वाली सामग्री थी) शेख को सौंपी थी। यदि यह सच है, तो आधिकारिक दस्तावेजों का यह हस्तांतरण भारत के आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम का उल्लंघन हो सकता है।