दीपक पराशर का छलका दर्द: बोले- सिनेमा में कंटेंट का सूखा, AI से भविष्य पर मंडराया खतरा

आज के सिनेमा में कंटेंट की कमी, नहीं पता भविष्य कैसा होगा : दीपक पराशर


मुंबई, 8 फरवरी। अभिनेता दीपक पराशर ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कंटेंट, 8 घंटे की शिफ्ट के साथ ही अन्य कई मुद्दों पर खुलकर बात की। पराशर ने सिनेमा और ओटीटी के बदलते दौर पर अपनी राय रखी।

आईएएनएस से खास बातचीत में उन्होंने खुद को 'ओल्ड स्कूल' बताते हुए कहा, "आज की एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कंटेंट की भारी कमी हो गई है। पराशर ने याद किया कि जब वह साल 1976 में पहली बार इंडस्ट्री में आए थे और 'मिस्टर इंडिया' बने थे, तब पूनम ढिल्लों मिस दिल्ली थीं। उस समय फिल्मों में चकाचौंध, ग्लैमर और अलग ही जोश था, जो आज लगभग गायब-सा हो गया है। मैं बहुत पुराने ख्यालों का हूं। इंडस्ट्री धीरे-धीरे कंटेंट की कमी की तरफ बढ़ रही है।”

डिजिटलाइजेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव पर बात करते हुए उन्होंने चिंता जताई कि एआई आने वाले समय में सब कुछ संभाल लेगा, जिससे फिल्म इंडस्ट्री का भविष्य अनिश्चित हो गया है। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि फिल्म इंडस्ट्री का भविष्य क्या होने वाला है।”

बातचीत में पराशर ने छोटे और संघर्षरत कलाकारों की मुश्किलों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने दीपिका पादुकोण के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें दीपिका ने कहा था कि वे आठ घंटे से ज्यादा शिफ्ट में काम नहीं करेंगी और प्रेग्नेंट एक्ट्रेस को छुट्टी मिलनी चाहिए। पराशर ने इसे सराहा, लेकिन साथ ही कहा कि ऐसे मुद्दों का टॉप स्टार्स पर कोई असर नहीं पड़ता।

पराशर का मानना है कि बड़े सितारे छोटे कलाकारों के संघर्ष को सपोर्ट करने के लिए आगे नहीं आते, जिससे इंडस्ट्री में असमानता बनी रहती है। दीपक पराशर ने यह भी कहा कि नए दौर में सीनियर एक्टर्स को अलग-अलग तरह के रोल मिल रहे हैं, लेकिन कुल मिलाकर कंटेंट की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “ज्यादातर टॉप लोगों को न पैसे की कमी होती है, न समय की, न ही सर्वाइवल की। जरूरतमंद एक्टर्स के मुद्दे उनके लिए ज्यादा मायने नहीं रखते, क्योंकि सब कुछ उनके हिसाब से चलता है। वे ही सेलिंग फैक्टर हैं।”
 

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
14,111
Messages
14,148
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top