सूरत, 8 फरवरी। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को भारत और अमेरिका के लिए बहुत अच्छी खबर बताया और कहा कि हमने दो महान देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए फ्रेमवर्क पर सहमति जताई है। दोनों देशों के बीच हुई डील पर सूरत एपीएमसी डायरेक्टर ने आईएएनएस से बातचीत में खुशी जाहिर की है।
भारत और अमेरिका के बीच नई ट्रेड डील को लेकर एग्रीकल्चर सेक्टर में खुशी का माहौल है। सूरत एपीएमसी डायरेक्टर बाबू भाई शेख ने बताया कि यूएसए के साथ एग्रीकल्चर डील हुई है, उसमें हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने देश के विकास को ध्यान में रखकर समझौता किया है। इसमें एग्रीकल्चर और डेयरी फार्मिंग को बाहर रखा गया है।
उन्होंने कहा कि इससे गुजरात के किसानों को बहुत फायदा होगा और खासकर साउथ गुजरात में, जहां आम, चीकू, पपीता, केला आदि फल होते हैं। इन पर कोई टैरिफ नहीं है। इससे किसानों को फायदा होने वाला है।
बाबू भाई शेख ने कहा कि किसानों के साथ-साथ व्यापारियों को भी फायदा होगा और इसके साथ ही हमने आयात पर जो शर्तें रखी हैं, जैसे खट्टे फल, आलू, मटर, बीन्स, फ्रोजन सब्जियां भारत नहीं आएंगी, तो इससे भी हमारे किसानों को फायदा होगा क्योंकि आयात पर लगाम है और निर्यात पर भी टैरिफ नहीं है।
उनका कहना है कि हमारे प्रधानमंत्री का जो स्वप्न है किसानों की आमदनी दोगुनी करना, इस दिशा में यह बहुत ही सराहनीय कदम है। हमें और व्यापारियों को भी अब यूएसए के साथ सीधा व्यापार मिलेगा। यहां से पापड़ी, बैंगन समेत तमाम सब्जियां अमेरिका जाती हैं। अगर हमारी सब्जियां भी यूएसए जाएंगी तो जीरो प्रतिशत टैरिफ लगेगा। ऐसे में यह हमारे देश के लिए बहुत ही फायदेमंद डील है।
उन्होंने बताया कि टैरिफ लगने के बाद से हमारे कारोबार में 70 प्रतिशत गिरावट आ गई थी। हालांकि अब हुए समझौते से हमें बहुत बड़ा फायदा होने वाला है और हमारे साथ-साथ किसानों को भी लाभ मिलेगा।