गुवाहाटी, 8 फरवरी (आईएएनएस) असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को लोकसभा सांसद गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पाकिस्तान दौरे के दौरान वह कम से कम 10 दिनों तक डिजिटल रूप से चुप रहे, जबकि देश के गृह मंत्रालय ने कांग्रेस नेता के वीजा परमिशन बदल दिए थे।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "जब गौरव गोगोई 2013 में पाकिस्तान दौरे पर गए थे, तो शहरों में जाने की उनकी अनुमति पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने बदल दी थी और कांग्रेस सांसद डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह से खामोश थे, जिससे उस दौरान उनकी गतिविधियों पर कई सवाल उठते हैं।"
उन्होंने कहा कि गौरव गोगोई शायद इस्लामाबाद में 10 दिनों तक रहने के दौरान कुछ 'ट्रेनिंग' सेशन से गुजरे होंगे। सीएम ने कहा, "उन 10 दिनों की चुप्पी के बाद वह व्यक्ति पूरी तरह बदल गया था। यह दिसंबर 2013 की बात है जब गोगोई पाकिस्तान गए थे और बाद में 2014 में वह लोकसभा सांसद बने। संसद में आने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील सवाल पूछना शुरू कर दिया और यह गतिविधि मेरे इस शक को पुख्ता कर रही है कि उस दौरे के दौरान कांग्रेस नेता का पाकिस्तान इंटेलिजेंस ने ब्रेनवाश किया था।"
हिमंत बिस्वा सरमा ने यह भी कहा कि तरुण गोगोई 2016 तक असम के मुख्यमंत्री थे और गौरव गोगोई पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेने के बाद मुख्यमंत्री के बंगले में रहते थे, जो एक बहुत ही खतरनाक स्थिति थी। मुख्यमंत्री ने कहा, "जो व्यक्ति चुपचाप पाकिस्तान जाता है और मुख्यमंत्री आवास पर रहता है, वह राज्य की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है।"
असम के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख और गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ गोगोई से जुड़े आरोप बहुत गंभीर हैं और इन्हें सामान्य मामला नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा, "ये गंभीर आरोप हैं। जब एक मौजूदा सांसद, जो संसद में कांग्रेस पार्टी के उपनेता भी हैं, किसी भी तरह से पाकिस्तान से जुड़े होते हैं, तो मामला अपने आप ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है।"