जनसुराज यात्रा पर जदयू का तंज: 'शून्य पर सिमटे PK कभी नहीं बन सकते नीतीश, खींची है लंबी लकीर'

'प्रशांत किशोर कभी नीतीश कुमार नहीं बन सकते', बिहार में जनसुराज पार्टी की यात्रा पर जदयू का तंज


पटना, 8 फरवरी। बिहार विधानसभा चुनाव में शून्य पर सिमटी जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर फिर से राज्य में यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। इससे पहले, सत्ताधारी पार्टी जदयू ने तंज कसते हुए कहा है कि प्रशांत किशोर कभी भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जैसे नहीं बन सकते हैं।

प्रशांत किशोर की यात्रा पर जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, "बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐसी लंबी लकीर खींची है कि उनका विकल्प बनना प्रशांत किशोर जैसे नेताओं के बस की बात नहीं।"

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में राजीव रंजन ने कहा कि प्रशांत किशोर के पास काफी समय है, लेकिन चुनाव के समय खूब हंगामा मचाया था, फिर भी शून्य पर निपट गए। वे आगे भी यही कोशिश कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ तेजस्वी यादव की टिप्पणी पर भी राजीव रंजन ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, "लालू यादव का नाम अनेक घोटालों में शामिल है। अगर नेता बनने के लिए घोटालेबाज होना जरूर है, तो निसंदेह लालू प्रसाद यादव बहुत बड़े नेता हैं। लेकिन जनता के दुख दर्द, उनकी समस्या को जानने वाला क्यों व्यक्ति है तो वह नीतीश कुमार हैं। उन्होंने राज्य को 'विकसित बिहार' बनने की ओर अग्रसर किया है।"

उन्होंने आगे कहा, "बिहार में पिछली बार राजद के सबसे बड़ी पार्टी बनने पर तेजस्वी यादव के सामने अवसर था कि वे विनम्र बनें, अहंकार त्यागकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच भरोसा बनाएं, लेकिन वे विफल रहे और वर्तमान में उनकी पार्टी महज 25 सीटों वाली पार्टी है। राजद के अंदर गहरी उदासीनता का प्रभाव है। परिवार के अंदर भी विवाद है। इसलिए तेजस्वी यादव के लिए आगे का रास्ता आसान नहीं है।"

नितिन नवीन के पटना दौरे पर जदयू प्रवक्ता ने कहा, "यह बिहार के लिए एक बड़ा अवसर है। राज्य के लोग गर्व महसूस करते हैं कि भाजपा की स्थापना के 45 साल पूरे हो जाएंगे और पहली बार कोई बिहार का नेता दुनिया की इस सबसे बड़ी पार्टी का अध्यक्ष बना है।" उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा और एनडीए दोनों को नितिन नवीन के अध्यक्ष बनने का लाभ बिहार में मिलेगा।

भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की प्रशंसा करते हुए जदयू प्रवक्ता ने कहा, "इस ट्रेड डील से भारत का काफी लाभ हुआ है और व्यापारिक जगत की जो अनिश्चितताएं हैं, उस पर विजय पाने का यह एक बड़ा अवसर भारत के पक्ष में है। हमारा अमेरिका के साथ जो कारोबार है, व्यापारिक साझेदारी लगभग 86 अरब डॉलर की पिछले वित्तीय वर्ष में रही है।"

राजीव रंजन ने कहा किइस समझौते के हिसाब से 46 अरब डॉलर की जो सामग्री है, उस पर शून्य टैरिफ होगा और बाकी लगभग 30 अरब डॉलर की सामग्री पर 18 प्रतिशत का टैरिफ है। यह भारत के पक्ष में है।
 

Forum statistics

Threads
5,403
Messages
5,435
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top