अहमदाबाद, 7 फरवरी। अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच ने फ्लिपकार्ट और अमेजन जैसी प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों को चूना लगाने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह कूरियर और डिलीवरी सिस्टम में घुसपैठ कर महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान को नकली उत्पादों से बदल देता था।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से करीब 20.52 लाख रुपए की कीमत का माल, उपकरण और एक वाहन बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने साथियों को अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजस्थान के जालौर जैसे शहरों में डिलीवरी बॉय के रूप में नियुक्त करवाते थे। फर्जी यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिए महंगे मोबाइल और गैजेट्स ऑनलाइन ऑर्डर किए जाते थे, जिन्हें डिलीवरी से पहले अंदर का आदमी रोक लेता था।
इसके बाद खास औजारों से पैकेट खोलकर असली सामान निकाल लिया जाता और उसकी जगह नकली सामान रख दिया जाता था। बाद में ऑर्डर को कैंसिल या रिटर्न दिखाकर असली उत्पादों को ब्लैक मार्केट में बेच दिया जाता था।
इस मामले में डीसीबी पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में जालौर (राजस्थान) के रामलाल उर्फ रोमी गहलोत, मनोज कुमार माली और भरत कुमार सुंदेशा, सूरत के विशाल हसमुखभाई पंचाल और अहमदाबाद के विशाल कंजिभाई बावरी शामिल हैं, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं।
क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के पास से 8 असली मोबाइल, 25 नकली मोबाइल, नकली ईयरबड्स और गेमिंग प्रोसेसर, ठगी में इस्तेमाल किए गए औजार और एक महिंद्रा स्कॉर्पियो जब्त की है। पूछताछ में आरोपियों ने पिछले कुछ महीनों में वडोदरा, सूरत और जालौर में कई ऐसी वारदातों को अंजाम देने की बात कबूली है। पुलिस ने कहा कि ई-कॉमर्स से जुड़ी धोखाधड़ी के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और डिजिटल कारोबार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।