मुंबई, 7 फरवरी। बॉलीवुड की चकाचौंध किसी को भी अपनी तरफ खींच लेती है, और यही कारण है कि अभिनेत्री बनने का सपना लिए कई लड़कियां और मॉडल बी-टाउन में कदम रखती हैं।
कुछ अभिनेत्रियों की फिल्में पर्दे पर छा जाती हैं, तो कुछ चुनिंदा फिल्मों में काम करने के बाद एक्टिंग से दूरी बना लेती हैं। ऐसी ही एक सिंगर और अभिनेत्री सोफी चौधरी हैं, जो आज फिल्मों से दूर हैं लेकिन फिर भी फिल्मों से ज्यादा पैसा कमा रही हैं।
8 फरवरी को जन्मी सोफी चौधरी बचपन से ही मल्टीटैलेंटेड रही हैं। उनका जन्म मैनचेस्टर, इंग्लैंड में हुआ था, जहां उनके पिता ने इटली की एक्ट्रेस अभिनेत्री सोफिया लॉरेन से प्रभावित होकर बेटी का नाम सोफी रखा था। सोफी को बचपन से ही सिंगिंग से प्यार था और उनकी आवाज की प्रतिभा को 12 साल की उम्र में ही पहचान मिल गई थी।
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई करने वाली सोफी के म्यूजिक करियर को पहला ब्रेक संगीत निर्देशक बिद्दू अप्पैया ने दिया और उन्होंने अलीशा चिनॉय जैसी सिंगर्स के साथ काम किया। पॉप म्यूजिक को अपनी आत्मा मानने वाली सोफी साल 2000 में इंटरनेशनल पॉप बैंड संसारा का हिस्सा रहीं और कई स्टेज परफॉर्मेंस दिए, लेकिन यहां वे ज्यादा समय तक काम नहीं कर पाईं, जिसके बाद उन्होंने खुद के सिंगल एल्बम गाने और फीचर करने का फैसला लिया। सोफी ने 90 के दशक के गाने 'सजन में नाचूंगी' को रीमेक किया। ये गाना खूब पसंद किया गया क्योंकि गाने में पुराने लिरिक्स के साथ पॉप म्यूजिक का तड़का लगाया गया था।
इसके बाद उन्होंने 'सोफी एंड डॉक्टर लव', 'बेबी लव', 'एक परदेसी मेरा दिल ले गया', और 'साउंड ऑफ सोफी' जैसे एल्बम रिलीज किए। उन्होंने बप्पी लहिरी और ऋषि रिच जैसे सिंगर्स के साथ काम किया। म्यूजिक की दुनिया में नाम कमाने के बाद उन्होंने रियलिटी शोज को भी होस्ट किया और वहीं से उनके लिए फिल्मों के रास्ते आसानी से खुल गए।
अभिनेत्री ने 'शादी नंबर 1', 'प्यार के साइड इफेक्ट्स', 'हे बेबी' और 'वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई दोबारा' में काम किया। हालांकि फिल्मों में सोफी को पहचान तो मिली लेकिन वे लीड एक्ट्रेस बनने से चूक गईं। आज भी सोफी अपने एल्बम सॉन्ग की वजह से बहुत पॉपुलर हैं। उनके कई गाने बैक-टू-बैक रिलीज हो रहे हैं और वे अरबपतियों की शादी और फंक्शन भी होस्ट करती हैं।