कुशीनगर, 7 फरवरी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक मजबूत और दूरदर्शी आधार है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वह विकास विरोधी मानसिकता से ग्रस्त है और प्रदेश व देश की प्रगति को पचा नहीं पा रहा है।
कुशीनगर पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकसित भारत का जो संकल्प लिया है, उसे पूरा करने में यह केंद्रीय बजट पूरी तरह सक्षम है।
उन्होंने कहा कि बजट समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे गरीब सशक्त होगा, महिलाओं का उत्थान होगा, युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और किसान अधिक समृद्ध बनेगा। यह बजट अंत्योदय की भावना को जमीन पर उतारने वाला है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश को प्रोत्साहित करने की स्पष्ट नीति इस बजट में दिखाई देती है, जिससे देश में तेज गति से पूंजी निवेश आएगा और भारत वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में मजबूती से उभरेगा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत लगातार नौवें बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि देश को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है।
उन्होंने यूजीसी बिल के संबंध में कहा कि इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्थगनादेश पारित किया गया है, जिसका सभी को सम्मान करना चाहिए। इसके बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कुशीनगर जनपद में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करोड़ों रुपए की विभिन्न सड़क परियोजनाओं का विधिवत शिलान्यास किया।
डिप्टी सीएम ने कहा कि इन परियोजनाओं में एनएच-28 जौरा से सोनबरसा, एनएच-28 जोकवा से छः, पटहेरवा बसडीला महंथ से दर्जिया, चौरा से बदुरावू, अहिरौली दान लकनहा घाट से बांक खास गांधी प्रधान डोर तथा धुरिया इमिलिया से सपही टड़वा होते हुए पगरा पड़री मार्ग शामिल हैं। इन सड़कों के निर्माण से दर्जनों गांवों की राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधी कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि “हर गांव को पक्की और मजबूत सड़क से जोड़ना” प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प है, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता से पूरा कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कें ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जिससे किसानों, छात्रों, श्रमिकों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलता है।