नई दिल्ली, 7 फरवरी। जनकपुरी इलाके में सड़क में खोदे गए गड्ढे में गिरकर एक युवक की मौत के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है। आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर सरकार और दिल्ली पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर को तत्काल सस्पेंड करने की मांग की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही और उसके बाद की गई सुनियोजित लीपापोती का मामला है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि 25 वर्षीय कमल ध्यानी की मौत पूरी तरह रोकी जा सकती थी। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली पुलिस के पास कमल के मोबाइल फोन की सटीक लोकेशन मौजूद थी, लेकिन इसके बावजूद यह जानकारी समय रहते परिजनों के साथ साझा नहीं की गई। यदि पुलिस ने यह लोकेशन दे दी होती तो युवक की जान बचाई जा सकती थी।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सरकार को बचाने के लिए जानबूझकर लापरवाही बरती और बाद में मृतक युवक पर ही उसकी मौत का दोष डालने की कोशिश की। आप नेता ने कहा कि घटना के बाद कमल के परिजन और दोस्त पूरी रात न्याय के लिए भटकते रहे। वे छह अलग-अलग थानों में शिकायत दर्ज कराने गए, लेकिन किसी भी थाने ने एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके बावजूद अब तक किसी भी थाने के एसएचओ पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब इतनी बड़ी चूक हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। सौरभ भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि घटनास्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह जब लोग मौके पर पहुंचे तो वहां कोई बैरिकेडिंग नहीं थी। बाद में सरकार के एक मंत्री और पुलिस की मौजूदगी में मौके पर बैरिकेड लगाकर पूरे क्राइम सीन को 'ड्रेस-अप' किया गया, ताकि यह दिखाया जा सके कि सभी सुरक्षा इंतजाम पहले से मौजूद थे। उन्होंने कहा कि इलाके में कई सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, इसके बावजूद दिल्ली पुलिस ने अब तक एक भी फुटेज सार्वजनिक नहीं की है। इससे साफ होता है कि सच्चाई को छिपाने की कोशिश की जा रही है।
भारद्वाज ने मांग की कि सभी सीसीटीवी फुटेज तुरंत सार्वजनिक की जाएं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि युवक उस गड्ढे तक कैसे पहुंचा। अंत में, आम आदमी पार्टी ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड किया जाए। पार्टी का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ युवक की मौत के लिए नहीं, बल्कि उसके बाद की गई लीपापोती, लोकेशन छिपाने, सीसीटीवी फुटेज न देने और रिपोर्ट दर्ज न करने जैसी गंभीर लापरवाहियों के लिए भी जरूरी है।