नई दिल्ली, 7 फरवरी। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व चीफ ललित मोदी ने आईएएनएस को कंफर्म किया है कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के लिए बोली पहले ही 1.75 बिलियन यूएस डॉलर तक पहुंच गई है। खबरों के अनुसार, मैनचेस्टर यूनाइटेड के को-ओनर एवराम ग्लेजर ने भी इसमें दिलचस्पी दिखाई है।
ललित मोदी ने कहा कि मौजूदा वैल्यूएशन संभवतः लीग के वर्तमान 74 मैचों वाले ढांचे पर आधारित है, न कि भविष्य के 94 मुकाबलों के प्रारूप पर, जिसे वह अपरिहार्य मानते हैं। उनके अनुसार, आईपीएल की मूल परिकल्पना पूर्ण होम-एंड-अवे टूर्नामेंट की थी और मुकाबलों की संख्या बढ़ने से फ्रेंचाइजी के मूल्य और लीग की कुल आय में बड़ा इजाफा होगा।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसा विस्तार उस समय बीसीसीआई को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी होगा, जब पारंपरिक रेवेन्यू सोर्स पर दबाव बढ़ने की आशंका है। मोदी ने चेतावनी दी है कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के रेवेन्यू में बोर्ड का हिस्सा 50-60 प्रतिशत तक कम हो सकता है, जबकि द्विपक्षीय मीडिया राइट्स से होने वाली इनकम भी कम से कम आधी हो सकती है।
हालांकि, उनका मानना है कि आईपीएल इन संभावित नुकसानों की भरपाई से कहीं अधिक करेगा। मोदी ने अनुमान जताया है कि अगले एक साल के भीतर अंतिम रूप लेने वाले आईपीएल के अगले मीडिया अधिकार चक्र में मूल्य कम से कम दोगुना हो सकता है, जिस पर उन्हें बिल्कुल भी संदेह नहीं है।
वैश्विक क्रिकेट परिदृश्य को देखते हुए मोदी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के लगातार व्यस्त होने और खिलाड़ियों के कार्यभार को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण द्विपक्षीय और आईसीसी आयोजनों की संख्या में कमी आ सकती है। साथ ही, घरेलू टी20 लीग की आर्थिक ताकत खिलाड़ियों को फ्रेंचाइजी क्रिकेट की ओर आकर्षित करेगी।
मोदी का मानना है कि इस ट्रेंड को टाला नहीं जा सकता। मौजूदा बाजार परिस्थितियों में बीसीसीआई को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा। उन्होंने कहा, "भारतीय क्रिकेट से प्यार करते हैं, लेकिन सबसे बढ़कर वे भारतीय क्रिकेट से प्यार करते हैं।"