नई दिल्ली, 7 फरवरी। दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। शनिवार की सुबह पुलिस स्टेशन जहांगीरपुरी को पीसीआर कॉल मिली कि कुछ लोग बेहोश पड़े हैं। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। वहां डी-ब्लॉक में एक बंद कमरे में दो युवक बिस्तर पर बेहोश हालत में मिले। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान मुसाफिक आलम (18 वर्ष), पुत्र यूसुफ आलम, निवासी डी-ब्लॉक, जहांगीरपुरी, और रुकसाद आलम (30 वर्ष), पुत्र मुजहारा, निवासी ई-754, जहांगीरपुरी, के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में पता चला कि दोनों रात में मोमोज बनाने के लिए गैस से चलने वाले मोमोज हीटर या सिगड़ी का इस्तेमाल कर रहे थे।
उन्होंने हीटर जलाकर कमरे को अंदर से बंद कर लिया और सो गए। रात भर कमरे में गैस का रिसाव होता रहा और ऑक्सीजन की कमी हो गई। सुबह परिवार के एक सदस्य ने कमरा खोला तो दोनों को बेहोश पाया। जांच में दोनों की मौत कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से हुई दुर्घटना लग रही है।
पुलिस ने मौके पर क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम बुलाई। पूरी जांच की गई, जिसमें कमरे में किसी भी तरह की मारपीट, चोरी या गड़बड़ी के कोई निशान नहीं मिले। घटना पूरी तरह दुर्घटनावश लग रही है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत मामला दर्ज किया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एफएसएल की अंतिम राय के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बंद कमरों में गैस हीटर, सिगड़ी या कोई भी गैस आधारित उपकरण रात भर जलाकर न छोड़ें। खासकर सर्दियों में ऐसी दुर्घटनाएं बढ़ जाती हैं। कमरे में अच्छी हवा आने-जाने का इंतजाम रखें और सोने से पहले सभी गैस उपकरण बंद कर दें। इस तरह की छोटी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
उत्तर-पश्चिम जिले की पुलिस इस घटना की हर पहलू से जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आए और परिवार को न्याय मिले। इस हादसे ने इलाके में लोगों को गैस सुरक्षा के प्रति सतर्क होने की याद दिलाई है।