पटना, 7 फरवरी। बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना पुलिस ने शनिवार को पटना की अदालत में पेश किया, जहां अदालत ने उन्हें दो दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अदालत अब उनकी जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगी।
31 साल पुराने मामले में पटना पुलिस ने शुक्रवार की रात को सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार किया था। पप्पू यादव के अधिवक्ता शिवानंदन भारती ने बताया कि अदालत ने दो दिनों की न्यायिक हिरासत में उन्हें भेजने का आदेश दिया है। जमानत की याचिका पर सोमवार को सुनवाई होगी।
सांसद पप्पू यादव के स्वास्थ्य की स्थिति अच्छी नहीं थी। यह अदालत ने खुद देखा। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात उनके पटना के मन्दिरी स्थित घर से हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई सुनवाई प्रक्रिया के दौरान बार-बार गैरमौजूद रहने के कारण अदालत द्वारा जारी संपत्ति अटैचमेंट वारंट के बाद की गई। यह मामला 1995 में गर्दनीबाग पुलिस स्टेशन में दर्ज धोखाधड़ी विवाद से जुड़ा है।
शिकायत के अनुसार, घर के मालिक ने आरोप लगाया कि सांसद ने धोखे से उनकी संपत्ति अपने ऑफिस चलाने के लिए ले ली थी। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने दावा किया कि उनका घर धोखे से किराए पर लिया गया और बाद में उसे सांसद के ऑफिस के तौर पर इस्तेमाल किया गया, एक ऐसा तथ्य जिसे उन्होंने आरोप लगाया कि समझौते के समय छिपाया गया था।
इधर, पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। पप्पू यादव ऐसे तो निर्दलीय सांसद हैं, लेकिन उनके समर्थन में कांग्रेस उतर आई है। कांग्रेस के बिहार प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, "पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी अत्यंत शर्मनाक एवं निंदनीय है। बेटियों को न्याय और सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल सरकार अब बेटियों के हक में उठने वाली आवाजों को कुचलने का प्रयास कर रही है। तानाशाही सरकार चाहे जितना जोर लगा ले, नीट छात्रा के न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।