मुंबई, 7 फरवरी। बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री में अलग पहचान बना चुकीं अभिनेत्री तमन्ना भाटिया न सिर्फ अभिनय, बल्कि अपने विचारों के लिए भी जानी जाती हैं। शनिवार को मुंबई में आयोजित 'बोनसाई ब्लॉसम्स- 2026' के उद्घाटन समारोह में तमन्ना ने मंच से जीवन को देखने का नजरिया पेश किया।
कार्यक्रम के दौरान तमन्ना भाटिया ने अपने संबोधन में कहा, ''इंसान की असली पढ़ाई सिर्फ स्कूल और किताबों तक सीमित नहीं होती। जिस स्कूल से हम अपनी पढ़ाई की शुरुआत करते हैं, वहां से हमें ज्ञान की नींव तो मिलती है, लेकिन असली सीख जिंदगी के सफर में मिलती है। जिंदगी खुद एक स्कूल है, जहां हर दिन, हर अनुभव और हर चुनौती इंसान को कुछ न कुछ सिखाती है।''
उन्होंने कहा, ''इस तरह के मंचों पर आकर अलग-अलग लोगों से मिलना और उनके अनुभव सुनना भी जीवन की पढ़ाई का ही हिस्सा है। मुझे पहले कभी बोनसाई ब्लॉसम्स जैसे आयोजन में आने का मौका नहीं मिला। इस मंच पर बुलाए जाने को लेकर मैं आयोजकों का आभार व्यक्त करती हूं।''
तमन्ना भाटिया इंडस्ट्री का बड़ा नाम हैं। उन्होंने महज 13 साल की उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रखा और साल 2005 में हिंदी फिल्म 'चांद सा रोशन चेहरा' से डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग भाषाओं में फिल्में की। उन्होंने तेलुगु और तमिल फिल्मों में काम किया। वह 'हैप्पी डेज', 'कलूरी', 'कंदन कधलाई' और 'पैय्या' जैसी फिल्मों में नजर आईं और साउथ इंडस्ट्री में अपनी खास जगह बनाई।
तमन्ना के करियर में बड़ा मोड़ तब आया, जब उन्होंने एस.एस. राजामौली की फिल्म 'बाहुबली: द बिगिनिंग' और 'बाहुबली: द कन्क्लूजन' में अवंतिका का किरदार निभाया। इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की। फिल्म में उनके किरदार ने उन्हें पैन-इंडिया स्टार बना दिया। वह देश की सबसे सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाने लगीं।
साउथ इंडस्ट्री में मजबूत पकड़ बनाने के बाद तमन्ना ने दोबारा हिंदी सिनेमा में सक्रिय वापसी की। उन्होंने 'हिम्मतवाला', 'एंटरटेनमेंट', 'स्ट्रीट डांसर 3डी', 'बबली बाउंसर' और 'लस्ट स्टोरीज 2' जैसी फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए।