ग्रेटर नोएडा, 7 फरवरी। स्क्रैप कारोबार की आड़ में संगठित अपराध, अवैध वसूली और जमीन कब्जाने जैसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहे कुख्यात स्क्रैप माफिया रविंद्र सिंह उर्फ रवि काना ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत में अंतरिम जमानत याचिका दायर की है। इस याचिका पर सूरजपुर स्थित गौतमबुद्ध नगर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में 11 फरवरी को सुनवाई होगी। आरोपी के वकील ललित मोहन गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है।
पुलिस के अनुसार, रवि काना को बीते 29 जनवरी को बांदा जिला कारागार से जमानत पर रिहा किया गया था। हालांकि, रिहाई के समय उसके खिलाफ गौतमबुद्ध नगर के सेक्टर-63 थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की तीन धाराओं के तहत मामला दर्ज था। अदालत ने भी वारंट जारी किए, लेकिन उसके बावजूद रिहाई हुई। इस मामले को अदालत ने गंभीरता से लिया है और बांदा जेल प्रशासन से जवाब मांगा है।
बताया जा रहा है कि रवि काना पहले से ही कई आपराधिक मामलों में जिला कारागार में बंद था। उसके खिलाफ स्क्रैप कारोबार के जरिए अवैध वसूली, जमीनों पर कब्जा, लोगों को धमकाने, मारपीट करने और संगठित गिरोह के माध्यम से अपराध करने के कई गंभीर आरोप दर्ज हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह लंबे समय से कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ है। रिहाई के बाद से रवि काना फरार बताया जा रहा है। नोएडा पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पुलिस की कई टीमें गठित कर उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
11 फरवरी को मामले में सुनवाई होनी है। फिलहाल, रवि काना की तलाश जारी है और पुलिस का दावा है कि कानून से बचना आरोपी के लिए आसान नहीं होगा।