पटना, 7 फरवरी। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इस समझौते का मसौदा पूरी तरह भारत के हितों की रक्षा करता है और विपक्ष के तमाम आरोपों का स्पष्ट जवाब भी देता है।
राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि यह भारतीय उत्पादकों और निर्यातकों के लिए एक सुनहरा अवसर है। उन्होंने बताया कि भारत अब तक दुनिया की कुछ सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ नौ बड़े व्यापार समझौते कर चुका है। इससे देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ के साथ प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और अन्य वैश्विक साझेदारियों से भारत एक बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में और मजबूत होकर उभरेगा।
जदयू प्रवक्ता ने कहा कि विपक्ष ने डेयरी और कृषि क्षेत्र को लेकर कई सवाल खड़े किए थे। इस पर पीएम मोदी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इन क्षेत्रों से जुड़े लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी की घोषणा से यह साफ हो गया है कि डेयरी और कृषि जैसे अहम क्षेत्रों में भारत का दबदबा आगे भी बना रहेगा।
राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि बिहार के मुख्य क्षेत्रों में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। राज्य में निवेश बढ़ रहा है और नीति तथा बुनियादी ढांचे में लगातार सुधार हो रहा है। उनके मुताबिक, आने वाले वर्षों में बिहार मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक अहम योगदानकर्ता के रूप में उभरेगा।
क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के शानदार प्रदर्शन पर भी जदयू प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा और हर मैच जीतकर खिताब अपने नाम किया। वैभव सूर्यवंशी ने अपने खेल से पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। जेडीयू की ओर से उन्होंने वैभव सूर्यवंशी और पूरी भारतीय टीम को इस बड़ी उपलब्धि के लिए बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की 1995 के एक मामले में गिरफ्तारी को लेकर जदयू प्रवक्ता ने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी के अलावा पप्पू यादव के पास कहने को कुछ नहीं है। उन्होंने बताया कि यह मामला 31 साल पुराना है और एमपी-एमएलए कोर्ट ने कुर्की और जब्ती के आदेश जारी किए थे, जिसके बाद गिरफ्तारी हुई।
वहीं, पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर लोजपा (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने कहा कि जो भी संसद सदस्य हैं, उन्हें लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय मर्यादाओं और कानून का पूरी तरह सम्मान करना चाहिए।