अमेरिकी नागरिकों को लाखों का चूना लगा रहा था कोलकाता का फर्जी कॉल सेंटर, 8 साइबर ठग दबोचे गए

कोलकाता में इंटरनेशनल साइबर क्राइम रैकेट का भंडाफोड़, आठ गिरफ्तार


कोलकाता, 7 फरवरी। कोलकाता पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने शनिवार को एक अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह का पर्दाफाश किया। यह गिरोह अमेरिका के नागरिकों को निशाना बना रहा था और पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के महेशतला इलाके से काम कर रहा था। इस मामले में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने बड़ी मात्रा में डिजिटल डेटा, आपत्तिजनक दस्तावेज और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार लोगों के पास से पांच लैपटॉप, 12 मोबाइल फोन और दो राउटर जब्त किए गए हैं।

आरोपियों के खिलाफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अलग-अलग धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।

जांच में पता चला है कि आरोपी ने महेशतला के शिबरामपुर इलाके में एक रिहायशी कॉम्प्लेक्स में फ्लैट किराए पर लेकर वहां एक फर्जी कॉल सेंटर बनाया था।

उन्होंने खुद को एक बड़ी आईटी कंपनी का टेक्निकल सपोर्ट कर्मचारी बताकर लोगों से बात की।

इसके अलावा, उन्होंने यह दावा किया कि वे अमेरिका के कई बड़े और जाने-माने बैंकों के टेक्निकल कामकाज भी संभालते थे।

इस फर्जी पहचान के ज़रिए अमेरिकी नागरिकों से संपर्क किया गया और उनसे उनकी निजी और वित्तीय जानकारी हासिल की गई।

इसके बाद अलग-अलग तरीकों से लोगों से धोखाधड़ी की गई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस फर्जी पहचान को सोशल मीडिया के जरिए भी फैलाया गया था।

इस मामले में कोलकाता पुलिस के जॉइंट सीपी (क्राइम) रूपेश कुमार ने कहा कि जांच जारी है और इसमें और लोगों के शामिल होने की संभावना है।

जब ठगे गए अमेरिकी नागरिकों ने बाद में सीधे माइक्रोसॉफ्ट से संपर्क किया, तो उन्हें पता चला कि यह पूरा मामला धोखाधड़ी का था। इसके बाद, पिछले साल नवंबर में कोलकाता के साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई। साइबर क्राइम ब्रांच ने उस शिकायत के आधार पर जांच शुरू की।

शिकायत के बाद कोलकाता पुलिस ने एक विशेष जांच टीम बनाई। शनिवार को सुबह करीब 3:40 बजे महेशतला के ग्रीन फील्ड सिटी रिहायशी कॉम्प्लेक्स में लगभग 20 मिनट तक लगातार छापेमारी की गई। इस कॉम्प्लेक्स के ब्लॉक-46, सेवन बी में फ्रॉड गैंग का मुख्य अड्डा मिला।

वहां से जुनैद अली, मोहम्मद साकिर, मोहम्मद खुर्शीद अख्तर, शादाब खान, जाकिर खान, हुसैन अहमद खान, शेख अमीरुल्लाह और कुंदन रॉय को गिरफ्तार किया गया।

एक साइबर पुलिस अधिकारी ने कहा, "यह एक अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम गैंग है। हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं, जिसमें यह देखना भी शामिल है कि पैसा विदेश में कहां भेजा गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।"
 

Latest Replies

Forum statistics

Threads
4,629
Messages
4,661
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top