सीहोर, 7 फरवरी। दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता और किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य के साथ शनिवार को मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में देशभर के कृषि मंत्रियों का जमावड़ा होने जा रहा है। सीहोर के अमलाहा स्थित खाद्य दलहन अनुसंधान केंद्र में नेशनल पल्सेज कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। देश में दालों के आयात पर निर्भरता कम करने और उत्पादन बढ़ाने की दिशा में यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान इस उच्चस्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में ओडिशा, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित कई दलहन उत्पादक राज्यों के कृषि मंत्री भाग लेंगे।
सम्मेलन में दलहन आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय मिशन के तहत उत्पादन बढ़ाने, नई तकनीकों के उपयोग, उन्नत बीजों के प्रसार और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। बैठक का मुख्य फोकस दालों में आत्मनिर्भर भारत, समृद्ध किसान और पोषित राष्ट्र के लक्ष्य को हासिल करने की रणनीति तैयार करना रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान खेतों का भ्रमण करेंगे और किसानों से सीधा संवाद भी करेंगे। इस दौरान किसानों की समस्याओं, सुझावों और नई तकनीकों के उपयोग पर चर्चा की जाएगी। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा एफएलआरपी (फूड लेग्यूम रिसर्च प्रोग्राम) की अत्याधुनिक सुविधाओं का लोकार्पण भी किया जाएगा। साथ ही, पल्सेस मिशन पोर्टल लॉन्च किया जाएगा, जिससे दलहन उत्पादन से जुड़े आंकड़े, योजनाएं और तकनीकी जानकारी किसानों तक आसानी से पहुंच सकेगी।
सम्मेलन में किसानों को उन्नत किस्मों के बीजों का वितरण भी किया जाएगा। खास बात यह है कि इस मंच पर किसान, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), बीज उत्पादक, वैज्ञानिक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि एक साथ शामिल होंगे, ताकि दलहन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए समन्वित प्रयास किए जा सकें।