मुंबई, 7 फरवरी। मुंबई में रोहित शेट्टी के घर फायरिंग की घटना ने शहर में हड़कंप मचा दिया था और अब मामले की गुत्थी धीरे-धीरे खुलती नजर आ रही है। मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में घटना की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया कि इसमें अवैध हथियारों की सप्लाई, बड़े पैमाने पर फंडिंग और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की संभावना है।
पुलिस के अनुसार, 20 जनवरी को आरोपी सिद्धार्थ और समर्थ दोपहिया वाहन लेकर पुणे से मुंबई पहुंचे थे। उनका उद्देश्य उस शूटर तक स्कूटर पहुंचाना था, जिसे विले पार्ले रेलवे स्टेशन के पास खड़ा किया गया था। शूटर, जो बिहार का रहने वाला बताया गया है, अपने चार-पांच साथियों के साथ मुंबई में रुका था और कथित तौर पर फायरिंग से पहले रोहित शेट्टी के घर की तीन-चार बार रेकी कर चुका था।
जांच में और भी कई खुलासे हुए हैं। आरोपी स्वप्निल सकट के घर से पुलिस ने एक पिस्तौल, तीन मैगजीन और एक एयर गन बरामद की। जांच में पता चला कि ये हथियार मुख्य साजिशकर्ता शुभम रामेश्वर लोनकर के कहने पर गिरफ्तार आरोपी आसाराम फसाले ने स्वप्निल को सौंपे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इन हथियारों का इस्तेमाल पहले किसी और अपराध में हुआ था या नहीं।
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि इस साजिश के लिए फंडिंग का इंतजाम किया गया था। कथित तौर पर, इन पैसों का इस्तेमाल स्कूटर खरीदने और अन्य जरूरी सामान जुटाने में किया गया। अब पुलिस बैंक खातों और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि फंडिंग कहां से आई।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप सिग्नल का इस्तेमाल कर रहे थे। पकड़े जाने से बचने के लिए कुछ संदिग्धों ने ऐप डिलीट कर दिया, लेकिन पुलिस ने पांचवें आरोपी का मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है, ताकि डिलीट किए गए संदेश और चैट को रिकवर किया जा सके। इसके जरिए अधिकारियों को नेटवर्क के अन्य हिस्सों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
इस पूरी जांच का सबसे अहम हिस्सा अज्ञात शूटर और फरार मास्टरमाइंड शुभम लोनकर को पकड़ना है। अतिरिक्त हथियार और वाहन बरामद करने, आरोपी से आमने-सामने पूछताछ करने और साजिश में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान करने के प्रयास लगातार जारी हैं।