अहमदाबाद, 6 फरवरी। अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (एएमसी) द्वारा प्रस्तुत बजट वर्ष 2026-27 के तहत कॉमनवेल्थ गेम्स-2030 को ध्यान में रखते हुए शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके अंतर्गत रोड डस्ट कंट्रोल, ट्रैफिक मैनेजमेंट, ग्रीन कवर में वृद्धि, वाहन उत्सर्जन नियंत्रण और एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग से जुड़े कार्यों को प्रमुख रूप से शामिल किया गया है।
इसी क्रम में म्युनिसिपल कमिश्नर की अध्यक्षता में शहर की वायु गुणवत्ता सुधार को लेकर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) कानपुर के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में 'एकीकृत प्रबंधन के लिए स्मार्ट सेंसिंग और डिजिटल इंटेलिजेंस' विषय पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में आईआईटी कानपुर के प्रतिनिधि प्रोफेसर सच्चिदानंद त्रिपाठी, डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर (हेल्थ), स्वास्थ्य अधिकारी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान प्रोफेसर त्रिपाठी द्वारा प्रस्तुति दी गई, जिसमें नीयर रियल-टाइम रिस्पॉन्स सिस्टम के विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डेटा विश्लेषण तथा शहर की वायु गुणवत्ता सुधार के लिए हाइपर-लोकल सेंसर आधारित मॉनिटरिंग नेटवर्क विकसित करने पर विस्तार से जानकारी दी गई।
इस पहल के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मॉनिटरिंग ग्रिड, मोबाइल लैब और नीयर रियल-टाइम सोर्स अपॉर्शनमेंट स्टडी तकनीक के माध्यम से प्रदूषण के हॉटस्पॉट्स की पहचान की जाएगी। इसके आधार पर वार्ड स्तर पर एसओपी आधारित त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी, जिससे प्रदूषण नियंत्रण के लिए तेज और वैज्ञानिक निर्णय लिए जा सकेंगे।
योजना के अनुसार वर्ष 2026 से 2030 के दौरान चरणबद्ध तरीके से बेसलाइन मैपिंग, सेंसर स्थापना, डेटा प्लेटफॉर्म डेवलपमेंट, कैपेसिटी बिल्डिंग और रियल-टाइम निर्णय आधारित प्रबंधन प्रणाली को लागू किया जाएगा। इन सभी कदमों के प्रभावी क्रियान्वयन से शहर के सस्टेनेबल डेवलपमेंट और वायु गुणवत्ता सुधार में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है।
इस योजना के अमल में आने से आने वाले वर्षों में अहमदाबाद की एयर क्वालिटी में उल्लेखनीय सुधार होगा और नागरिकों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। तकनीक आधारित यह पहल अहमदाबाद को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और स्वास्थ्यप्रद शहर बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।