देश की आर्थिक कमर तोड़ने की साजिश! नकली नोट सिंडिकेट पर NIA का बड़ा एक्शन, हैदराबाद के फसी उद्दीन पर चार्जशीट

नकली नोट सिंडिकेट का मामला : एनआईए ने हैदराबाद के मोहम्मद फसी उद्दीन के खिलाफ चार्जशीट दायर की


नई दिल्ली, 6 फरवरी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उच्च गुणवत्ता वाले नकली भारतीय करेंसी नोट (एफआईसीएन) की जब्ती से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय मामले में एक और आरोपी के खिलाफ पूरक चार्जशीट दायर की है। यह मामला पाकिस्तान और नेपाल से जुड़े एक बड़े सिंडिकेट से संबंधित है, जो भारत की आर्थिक स्थिरता को नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रहा था।

हैदराबाद का निवासी मोहम्मद फसी उद्दीन इस मामले में एनआईए द्वारा चार्जशीट किया गया पांचवां आरोपी है। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के बंजरिया थाना क्षेत्र से 2024 में लगभग 2 लाख रुपए मूल्य के नकली नोट बरामद होने के बाद यह जांच शुरू हुई थी। एनआईए ने पटना की विशेष अदालत में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं।

जांच में सामने आया कि मोहम्मद फसी उद्दीन अगस्त 2025 में गिरफ्तार हुआ था। वह अपराध से प्राप्त धन को पाकिस्तान स्थित एक संस्था को ट्रांसफर करने में शामिल था। आरोपी क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से पाकिस्तानी नागरिक को भुगतान कर रहा था। वह पहले से चार्जशीट किए गए आरोपी मोहम्मद नजर सद्दाम के साथ भारत-नेपाल सीमा पर रक्सौल और नेपाल जाकर नकली करेंसी की तस्करी में सक्रिय था। एनआईए के अनुसार, यह सिंडिकेट पाकिस्तान से उच्च गुणवत्ता वाले नकली नोट नेपाल के रास्ते भारत लाकर खपा रहा था, जिसका मकसद देश की वित्तीय व्यवस्था को कमजोर करना था।

इससे पहले अगस्त 2025 में एनआईए ने मोहम्मद नजर सद्दाम, मोहम्मद वारिस, मोहम्मद जाकिर हुसैन और मुजफ्फर अहमद वानी उर्फ सरफराज के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। मूल रूप से बिहार पुलिस ने सितंबर 2024 में इन आरोपियों और राजेश साहनी के खिलाफ केस दर्ज किया था। बंजरिया पुलिस ने जब्ती के समय नजर सद्दाम, वारिस और जाकिर को गिरफ्तार किया था, जबकि सरफराज को बाद में पकड़ा गया। दिसंबर 2024 में एनआईए ने जांच अपने हाथ में ली और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला मानते हुए आगे बढ़ाया।

एनआईए की जांच से पता चला कि आरोपी नेपाल के हैंडलर्स के माध्यम से पाकिस्तान स्थित संस्थाओं से नकली नोट प्राप्त कर रहे थे। क्रिप्टोकरेंसी करेंसी का इस्तेमाल भुगतान के लिए किया जा रहा था ताकि ट्रैकिंग मुश्किल हो। यह नेटवर्क जम्मू-कश्मीर सहित अन्य राज्यों में भी फैला हुआ था। एनआईए ने पुष्टि की कि फसी उद्दीन ने रक्सौल और नेपाल की कई यात्राएं कीं, जहां वह सह-आरोपियों से मिला और तस्करी की रणनीति बनाई।

एनआईए ने कहा कि जांच जारी है और सिंडिकेट के अन्य सदस्यों तथा पाकिस्तानी-नेपाली कनेक्शन की गहराई से पड़ताल की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां सीमा क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा रही हैं ताकि ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोहों को नाकाम किया जा सके।
 

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