"मुहूर्त" का इंतजार, के. कविता का ऐलान: तीन महीने में नई पार्टी बनाकर करेंगी सियासी वापसी

तीन महीने में नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा करेंगी के. कविता


हैदराबाद, 6 फरवरी। तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह तीन महीने के भीतर एक नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा करेंगी।

उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह नई राजनीतिक पार्टी शुरू करने के लिए किसी अच्छे ‘मुहूर्त’ का इंतजार कर रही हैं।

भारत राष्ट्र समिति के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी कविता को पिछले साल पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण बीआरएस से निलंबित किए जाने के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी।

पूर्व सांसद कविता ने बताया कि तेलंगाना जागृति 12 फरवरी को हैदराबाद में एक बैठक आयोजित करेगी, जिसमें तेलंगाना के लिए बलिदान देने वालों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।

उन्होंने बीआरएस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी पिछड़ा वर्ग आरक्षण के मुद्दे पर ईमानदारी से काम नहीं कर रही है।

उन्होंने बीआरएस की आलोचना की कि उसने नगर निकाय चुनावों में बी. माधव रेड्डी को उम्मीदवार बनाया, जबकि माधव रेड्डी ने हाईकोर्ट में पिछड़े वर्गों को 42 प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ याचिका दायर की थी।

कविता ने कहा कि जब बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने लोगों से उम्मीदवार देखे बिना पार्टी को वोट देने की अपील की थी, तब उन्हें उम्मीद नहीं थी कि पार्टी ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार बनाएगी।

माधव रेड्डी पहले तेलंगाना जागृति से जुड़े थे, लेकिन बाद में उन्होंने रेड्डी जागृति नाम से अलग संगठन बनाया और खुद को रेड्डी समुदाय के हितों के लिए लड़ने वाला बताते हैं।

इस बीच कविता ने दावा किया कि सिरसिला में बीआरएस के 16 नेताओं ने नगर निकाय चुनाव लड़ने के लिए तेलंगाना जागृति से टिकट मांगा था। सिरसिला वही विधानसभा क्षेत्र है, जहां से उनके भाई और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर विधायक हैं।

कविता ने यह भी कहा कि केटीआर और टी. हरीश राव केवल उन्हीं इलाकों में प्रचार कर रहे हैं जहां तेलंगाना जागृति ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह केसीआर के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। कविता का आरोप है कि मुख्यमंत्री राजनीतिक रूप से केसीआर का सामना नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए गाली-गलौज पर उतर आए हैं।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना के इतिहास से केसीआर का नाम कोई नहीं मिटा सकता।

कथित फोन टैपिंग मामले की जांच को लेकर कविता ने कहा कि यह टीवी सीरियल की तरह चल रही है और सरकार को बताना चाहिए कि यह 'सीरियल' आखिर कब खत्म होगा।

उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष गड्डम प्रसाद कुमार की भी आलोचना की, जिन्होंने कांग्रेस में शामिल हुए बीआरएस के आठ विधायकों को अयोग्य ठहराने से जुड़ी याचिकाएं खारिज कर दी थीं।

कविता ने कहा, “स्पीकर कह रहे हैं कि ये विधायक अब भी बीआरएस में हैं। अगर ऐसा है तो फिर कांग्रेस निजामाबाद जिले के नगर निकाय चुनावों के लिए इन्हीं में से एक विधायक (अरेकटपुडी गांधी) को पार्टी प्रभारी कैसे बना सकती है?”
 

Similar threads

Trending Content

Forum statistics

Threads
4,414
Messages
4,446
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top