नई दिल्ली, 6 फरवरी। दिल्ली के जनकपुरी में जोगिंदर सिंह मार्ग पर कथित तौर पर गड्ढे में गिरने से बाइक सवार की मौत का मामला गरमाया हुआ है। इस बीच दिल्ली की मुख्य विपक्षी आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर हमलावर है। दिल्ली एमसीडी में विपक्ष के नेता अंकुश नारंग ने सरकार को इस हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
अंकुश नारंग ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "25 वर्षीय युवक अपनी नौकरी से घर वापसी आता है और रास्ते में दिल्ली जल बोर्ड का इतना बड़ा गड्ढा होता है, वो भी मंत्री के घर के बाहर ही गड्ढा होता है, वो गड्ढे में गिर जाता है। युवक के घर वाले उसको पूरी रात ढूंढते हैं, साथ ही वे पुलिस के पास भी जाते हैं। इस दौरान एक भी पुलिस थाना युवक के लापता होने की रिपोर्ट नहीं लिखता। जबकि सरकार दावा करती है कि हम लापता होने की रिपोर्ट तुरंत लिख लेते हैं। दिल्ली में पुलिस विभाग केंद्र सरकार के अंडर है।"
उन्होंने कहा, "आशीष सूद दिल्ली के मंत्री हैं, तभी गड्ढे के आसपास न कोई बैरिकैटिंग, न कोई झंडा और न ही कोई लाइट है। यह मंत्री के इलाके का हाल है। ऐसे में आज इस बच्चे की मौत का जिम्मेदार कौन है? वह बच्चा अपने घरवालों के लिए कमाई करता था और पूरा परिवार उसपर निर्भर था। ऐसे में आज शर्म सरकार को आनी चाहिए।"
अंकुश नारंग ने कहा, "दिल्ली में भाजपा के 4 इंजन की सरकार होने के बावजूद आज हालात ऐसे हैं कि सारी सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। दिल्ली में भाजपा सरकार के आने से हालात बहुत ही बुरे हो चुके हैं। इस जिम्मेदारी से भाजपा नहीं भाग सकती। घटनास्थल के इलाके में भाजपा की पार्षद है, भाजपा का ही विधायक है और भाजपा का ही सांसद है। इसके बावजूद ऐसा हादसा होता।"
इससे पहले अंकुश नारंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "सड़क में गहरे गड्ढे में गिरकर एक मासूम बाइक सवार रातभर फंसा रहा और उसकी मौत हो गई। यह सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम के द्वारा हत्या है। नोएडा की घटना से भी दिल्ली की सरकार ने कुछ नहीं सीखा। रोज झूठे दावे, जमीनी हकीकत शून्य। दिल्ली सड़कों की बदहाली पर सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।"